यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देवयानी मुद्दा हल होने तक यूएस से रिश्ते सामान्य नहीं
अमेरिका में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे से बदसुलूकी मामले में भारत के कड़े तेवर बरकरार हैं। नई दिल्ली ने यह ...और पढ़ें

नई दिल्ली। अमेरिका में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे से बदसुलूकी मामले में भारत के कड़े तेवर बरकरार हैं। नई दिल्ली ने यह साफ कर दिया है कि जब तक देवयानी मसला हल नहीं होता, तब तक अमेरिका के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते।
अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल ने सोमवार को विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अमेरिकी मामले) विक्रम दुरईस्वामी से मुलाकात की। इस दौरान दुरईस्वामी ने भारत का रुख उनके सामने रखा। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पावेल से कहा कि यह प्रक्रिया आपने शुरू की है और आपको ही इसे सुलझाना होगा। न्यूयॉर्क की अदालत में 13 जनवरी को सुनवाई से पहले भारत का रुख महत्वपूर्ण है। भारत पहले से ही अमेरिका से इस मामले को वापस लेने के साथ माफी की मांग करता रहा है।
इसके साथ ही उसने अमेरिकी राजनयिकों को मिली सुविधाओं को भी कम कर दिया था। अमेरिका ने पिछले महीने कहा था कि देवयानी के खिलाफ लगे वीजा धोखाधड़ी के आरोप को वापस लेने का उसका कोई इरादा नहीं है।
देवयानी की तलाशी वाले वीडियो से सकते में अमेरिका
पाक ने किया समर्थन :-
पाकिस्तान ने अमेरिका में देवयानी खोबरागडे के साथ किए गए सुलूक से उपजे विवाद पर भारत का साथ दिया है। पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर ने इस मुद्दे पर एक कार्यक्रम से इतर कहा कि पूरी दुनिया में केवल एक रास्ता है। इसका लंबा इतिहास है। वियना सम्मेलन का सम्मान किया जाना चाहिए। सभी को वियना समझौते का अक्षरश: पालन करना चाहिए। इसके तहत राजनयिक को गिरफ्तारी से छूट मिली हुई है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव शहरयार एम खान का भी कहना कि राजनयिकों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए।
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