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    भटकल के साथ एनआइए की बिहार में छापेमारी

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम शनिवार को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल को लेकर बिहार के दरभंगा जिला पहुंची। जबकि उसके साथी असदुल्लाह अख्तर को हैदराबाद ले गई। 'दरभंगा मॉड्यूल' की जानकारी लेने के लिए एनआइए टीम ने यासीन के साथ बिहार के कई स्थानों पर छापेमारी की। इधर, ट्रांजिट वारंट पर हैदराबाद लाए गए असदुल्लाह से एनआइए इस साल 21 फरवरी को हुए बम धमाकों के सिलसिले में पूछताछ करेगी। दोनों को सुरक्षा एजेंसियों ने बिहार-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था।

    By Edited By: Updated: Sat, 14 Sep 2013 11:57 PM (IST)

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम शनिवार को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल को लेकर बिहार के दरभंगा जिला पहुंची। जबकि उसके साथी असदुल्लाह अख्तर को हैदराबाद ले गई। 'दरभंगा मॉड्यूल' की जानकारी लेने के लिए एनआइए टीम ने यासीन के साथ बिहार के कई स्थानों पर छापेमारी की। इधर, ट्रांजिट वारंट पर हैदराबाद लाए गए असदुल्लाह से एनआइए इस साल 21 फरवरी को हुए बम धमाकों के सिलसिले में पूछताछ करेगी। दोनों को सुरक्षा एजेंसियों ने बिहार-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था।

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    दरभंगा में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक करमगंज, रहमखान मोहल्ला, सैदनगर अभंडा, चकजोहरा, शिवधारा, सारा मोहनपुर आदि जगहों पर भटकल को ले जाकर पूछताछ की गई। सारा मोहनपुर मोहल्ले में अधिकांश लोगों ने भटकल की पहचान डॉक्टर के रूप में की। वह यहां एक वकील के घर किराये पर रहता था। एनआइए सूत्रों के अनुसार रहमखान मोहल्ला स्थित अलगेरा पब्लिक स्कूल के निदेशक उमर फारूख, शिक्षक मुहम्मद एहसान, मकान मालिक मुहम्मद खालिद के साथ बंद कमरे में सवाल पूछे गए। इस दौरान स्कूल के तत्कालीन लाइब्रेरियन कफील अहमद के बारे में भी तहकीकात की गई।

    वह वर्ष 2010 में यहां लाइब्रेरियन था। कफील को पहले ही एनआइए टीम गिरफ्तार कर चुकी है। शाम करीब साढ़े तीन बजे एनआइए टीम भटकल को लेकर विशेष विमान से वापस दिल्ली निकल गई। इससे पहले टीम ने हवाई अड्डे पर उतरते ही स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों के मोबाइल सीज कर लिए थे। पूरे ऑपरेशन के दौरान यासीन को कहीं भी गाड़ी से नहीं उतारा गया। भटकल 2010-2011 में दरभंगा में रहा था।

    इधर, हैदराबाद में एनआइए अधिकारी असदुल्लाह को लेकर कई इलाकों में गए जहां वह और उसके साथी बम धमाकों से पहले ठहरे हुए थे। दिलसुखनगर में फरवरी में हुए दो धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई थी। एनआइए इस बात की जांच कर रही है कि धमाकों में भटकल, असदुल्लाह और उसके साथियों को स्थानीय लोगों ने मदद तो नहीं की थी।

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