ईपीएफ टैक्स वापस लेने पर बोले राहुल- हमारे दबाव में फैसला वापस लिया गया
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा ईपीएफ टैक्स वापस लेने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमारे दबाव की वजह से फैसला वापस लिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से मैं काफी खुश हूं।
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा ईपीएफ टैक्स वापस लेने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमारे दबाव की वजह से फैसला वापस लिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से मैं काफी खुश हूं। आखिर में नौकरी पेशा लोगों की जीत हुई और सरकार को ईपीएफ पर टैक्स का प्रस्ताव वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा। देर आये दुरुस्त आये।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट में ईपीएफ में हुए बदलाव को वापस करवाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने 7 मार्च को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में कांग्रेस के सैंकड़ो कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
क्या है ईपीएफ टैक्स?
कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर टैक्स लगाने का बजट प्रस्ताव वापस वापस लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस पर दोबारा विचार करने को कहा है। मंगलवार को वित्त मंत्री संसद में यह प्रस्ताव वापस लिए जाने की घोषणा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि 29 फरवरी को पेश हुए बजट के बाद से ईपीएफ के 60 फीसदी हिस्से व इसके ब्याज पर टैक्स लगने को लेकर विरोध हो रहा है और सरकार की तरफ से अा रहे अलग-अलग बयान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अभी तक ईपीएफ से निकाली गयी रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, सरकार ने बजट में कहा है कि पीएफ के 40 फीसदी हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन बचे हुए 60 फीसदी निकालने पर टैक्स भरना होगा।
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