यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुजफ्फरनगर: जंगल में किसानों पर बरस रही हैं गोलियां
मुजफ्फरनगर [जागरण कार्यालय]। भले ही पुलिस-प्रशासन जनपद में पूर्ण शांति के दावे कर रहा हो, लेकिन देहात में अब भी ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर [जागरण कार्यालय]। भले ही पुलिस-प्रशासन जनपद में पूर्ण शांति के दावे कर रहा हो, लेकिन देहात में अब भी खौफ बरकरार है। फायरिंग के भय से किसान खेतों में नहीं जा पा रहे। कई गांवों के जंगलों में किसानों पर फायरिंग हो चुकी है। काली ड्रेस धारी एक दर्जन युवक देहात के इलाकों में दहशत का सबब बने हुए हैं।
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अमन लौटने के बाद शहर से कर्फ्यू के साथ ही सेना भी हटा ली गई है। प्रशासन देहात में भी पूरी शांति का दावा जरूर कर रहा है लेकिन ऐसा है नहीं। देहात के कई हिस्सों में अभी भी तनाव और दहशत के हालात हैं। इसकी एक प्रमुख वजह जंगल [खेत] में आए दिन किसानों पर हो रहे हमले व फायरिंग है। फुगाना, सोंटा, पचेंडा, बडोड़ी व जानसठ समेत कई स्थानों पर जंगलों में किसानों पर फायरिंग हो चुकी है। गोली लगने से कई किसान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इस तरह की घटनाओं से किसान दहशत में हैं। वे फसलें सूखती देख भी जंगल में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। कुछ बाहरी बस्तियों में भी आए दिन फायरिंग की वारदातें सामने आ रही हैं।
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सवाल उठने लगा है कि आखिर वह कौन हैं जो शांत होते माहौल को फिर गर्माने का प्रयास कर रहे हैं और शांति का दावा करने वाला पुलिस प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है। बताया जा रहा है कि काली ड्रेसधारी एक दर्जन से ज्यादा युवक जंगलों व देहात के कुछ इलाकों में फायरिंग कर दहशत फैला रहे हैं।
केस-1 फुगाना थानाक्षेत्र के गांव लाक के जंगल में तीन दिन पूर्व आधा दर्जन किसानों पर ईख के खेत से फायरिंग कर दी गई। हमले में दो किसान गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि अन्य छर्ड़े लगने से जख्मी हुए। किसानों पर हमले के विरोध में क्षेत्र के कई गांव के लोगों की पंचायत हुई। पुलिस ने सुरक्षा का आश्वासन देते हुए मामला निपटाया।
केस-2 मंसूरपुर थानाक्षेत्र के गांव सोंटा के जंगल में चारा लेने गए दो किसानों पर फायरिंग हुई। दोनों ने भागकर जान बचाई। हमलावर पुलिस व ग्रामीणों पर फायरिंग कर फरार हो गए।
केस-3 नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव पचेंडा के जंगल में दो बार किसानों पर हमले हो चुके है और कई किसान घायल हो चुके हैं। आए दिन हो रहे हमलों से किसानों में रोष के साथ ही दहशत भी है।
केस-4 छपार थानाक्षेत्र के गांव सुंदरनगर के जंगल में किसानों को घेर लिया गया। भागकर जान बचाई। विरोध में किसानों ने चौकी पर हंगामा किया।
केस-5 पुरकाजी थानाक्षेत्र के गांव नंगला दुहैली में कार सवार युवकों ने कई राउंड फायरिंग की और फरार हो गए। पुलिस और ग्रामीणों ने कार सवारों की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा।
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