यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने अजमेर दरगाह पर पीएम मोदी की तरफ से चढ़ाई चादर
यह चादर एक पारंपरिक औपचारिक कपड़ा है, जिसे कई मन्नतों के साथ सूफी धार्मिक स्थलों पर चढ़ाया जाता है।

नई दिल्ली, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ा दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नकवी चादर लेकर सुबह 7.25 बजे दिल्ली से रवाना हुए और सवा आठ बजे जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डा पहुंचे।
इसके बाद सड़क मार्ग से रवाना होकर वह साढ़े दस बजे अजमेर पहुंचे, जहां ख्वाजा की मजार पर प्रधानमंत्री की ओर से चादर चढ़ाई। इसके बाद नकवी अजमेर से जयपुर आकर शाम पौने पांच बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मन्नत के लिए चढ़ाई जाती है चादर
यह चादर एक पारंपरिक औपचारिक कपड़ा है, जिसे कई मन्नतों के साथ सूफी धार्मिक स्थलों पर चढ़ाया जाता है। मोदी ने शुक्रवार को असम के कामाख्या मंदिर में नवरात्रि उत्सव के पहले दिन पूजा-अर्चना की थी।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का 804वां सालाना उर्स
इस समय अजमेर शरीफ में महान सूफी हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 804वां सालाना उर्स चल रहा है। अजमेर उर्स मेले का मुख्य आयोजन 14 और 15 अप्रैल को होगा। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती को भारत में चिश्ती सिलसिले का संस्थापक माना जाता है।
