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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आधा दर्जन और लेखकों ने लौटाया साहित्य अकादमी पुरस्कार

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Mon, 12 Oct 2015 05:58 AM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2015 07:33 AM (IST)

देश में बढ़ती असहिष्णुता और खराब होते सांप्रदायिक माहौल के खिलाफ साहित्यकारों का विरोध बढ़ता जा रहा है। कन्नड़ लेखक ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। देश में बढ़ती असहिष्णुता और खराब होते सांप्रदायिक माहौल के खिलाफ साहित्यकारों का विरोध बढ़ता जा रहा है। कन्नड़ लेखक और तर्कवादी विचारक एमएम कलबर्गी की हत्या पर साहित्य अकादमी की चुप्पी के विरोध में रविवार को आधा दर्जन और साहित्यकारों ने अकादमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा की।

गुजराती लेखक गणोश देवी, अंग्रेजी के कथाकार अमन सेठी, कन्नड़ के कुम वीरभद्रप्पा और पंजाबी भाषा के गुरबचन भुल्लर, अजमेर सिंह औलख व आत्मजीत सिंह ने अकादमी की चुप्पी पर सवाल उठाया। इन लेखकों ने अकादमी से अपने सदस्य कलबर्गी और अन्य तर्कवादियों की हत्या तथा दादरी कांड के मद्देनजर सांप्रदायिक माहौल के खिलाफ अपना बयान जारी करने की मांग की है। उधर, श्रीनगर में कश्मीरी विद्वानों की एक संस्था ने अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले प्रख्यात लेखकों के साथ एकजुटता जाहिर किया है।

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संस्था के अध्यक्ष सुजात बुखारी ने अकादमी से बढ़ते सांप्रदायिक उन्माद पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा। इससे पहले इसी मुद्दे पर उदय प्रकाश, नयनतारा सहगल, अशोक वाजपेयी और सारा जोसेफ अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा कर चुके हैं। वहीं, जानेमाने कन्नड़ लेखक डॉ. अरविंद मालगट्टी ने एमएम कलबर्गी की हत्या पर साहित्य अकादमी की चुप्पी के विरोध में इसकी सामान्य परिषद से इस्तीफा दे दिया है।

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