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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो वर्ष में अमेरिका चौथी बार जाएंगे मोदी, ओबामा से 7 जून को मुलाकात

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 20 May 2016 08:56 PM (IST)Updated: Fri, 20 May 2016 09:16 PM (IST)

मोदी देश के पांचवे पीएम होंगे जो अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे। सिर्फ दो वर्ष के भीतर तीसरी बार व्हाईट हाउस जाने वाले मोदी पहले पीएम होंगे।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पहली बार अमेरिका में सत्ता संभालने के बाद कहा था कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में प्रगाढ़ता 21वीं सदी में दुनिया को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक होगा। अब व्हाईट हाउस से विदा होते हुए ओबामा अपनी इस भविष्यवाणी को सच साबित करने की मजबूत आधारशिला रख रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी अगले महीने 07 जून को जब ओबामा से वाशिंगटन में द्विपक्षीय वार्ता के लिए मिलेंगे तो ये दोनों देशों के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग का नया एजेंडा पेश करेंगे। ओबामा के विशेष निमंत्रण पर मोदी 7 जून को दो दिवसीय यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचेगे। पीएम बनने के बाद यह मोदी की चौथी यात्रा होगी।

मोदी अमेरिकी कांग्रेस को भी संबोधित करेंगे। मोदी अमेरिकी के सांसदों को उस समय संबोधित करेंगे जब वहां से भारत के साथ रिश्तों को सुदृढ़ बनाने के लगातार संकेत मिल रहे हैं। एक दिन पहले ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने भारत और अमेरिकी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक विधेयक को पारित किया है। इससे अमेरिका भारत को रक्षा क्षेत्र में वैसी तकनीकी व अन्य मदद दे सकेगा जैसा वह नाटो देशों को देता है। यह दोनों देशों में सैन्य क्षेत्र में करीबी सहयोग को नई दिशा देगा। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने पाकिस्तान को मदद देने संबंधी विधेयक को पारित करने से मना कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस तर्क को खारिज करते हैं कि ओबामा चूंकि सत्ता से बाहर जाने वाले हैं इसलिए मोदी का उनसे मिलने का बहुत नतीजा नहीं निकलेगा। दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को आमंत्रित किया था। वाजपेयी की यात्रा से ही भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते रिश्ते की नींव पड़ी। एक तरह से यह मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का अगले राष्ट्रपति की कूटनीति की वरीयता तय करने वाला भी कदम होता है। बहुत संभव है कि ओबामा प्रशासन के मोदी अंतिम सरकारी मेहमान होंगे।

विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई सूचना के मुताबिक मोदी और ओबामा संयुक्त तौर पर दोनों देशों के बीच हाल के वर्षो में ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का जायजा लेंगे। आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में हुई प्रगति और भविष्य के एजेंडे पर भी चर्चा होगी। मोदी को अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त बैठक को संबोधित करने का आमंत्रण भी आया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। मोदी देश के पांचवे पीएम होंगे जो अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे। सिर्फ दो वर्ष के भीतर तीसरी बार व्हाईट हाउस जाने वाले मोदी पहले पीएम होंगे। वैसे यह उनकी चौथी अमेरिकी यात्रा होगी।

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