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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आईएसए के अंतरिम सचिवालय का उद्घाटन करेंगे मोदी और ओलांद

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Sun, 24 Jan 2016 04:00 PM (IST)Updated: Mon, 25 Jan 2016 08:10 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ :आईएसए: के अंतरिम सचिवालय का संयुक्त रूप से ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ :आईएसए: के अंतरिम सचिवालय का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। दोनों नेताओं ने पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान आईएसए की शुरूआत की थी।

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ओलांद आईएसए के मुख्यालय की बुनियाद रखेंगे। आईएसए का लक्ष्य सौर संसाधन समृद्ध देशों में सौर उर्जा का उपयोग बढ़ाना और इसे बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम का आयोजन गुणगांव स्थित ‘राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान’ :एनआईएसई: में होगा। आईएसए प्रधानमंत्री मोदी की पहल है। यह 121 सौर संसाधन समृद्ध देशों का समूह है। बीते 30 नवंबर को पेरिस जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और ओलांद ने इसकी शुरूआत की थी।

भारत ने एनआईएसई के परिसर में आईएसए की मेजबानी का प्रस्ताव दिया था और इसके लिए पांच एकड़ भूमि की भी पेशकश की थी। एनआईएसई के सूर्या भवन के तीन तलों में अंतरिम सचिवालय शुरू होगा।

आईएसए का कॉर्पस फंड बनाने के लिए भारत ने 100 करोड़ रूपये की पेशकश की है और इसके अलावा उसने एनआईएसई में आईएसए सदस्य देशों के लिए प्रशिक्षण संबंधी सहयोग की पेशकश की है। आईएसए की अंतरराष्ट्रीय संचालन समिति पहले ही दो बार बैठक कर चुकी है और आईएसए के लिए केंद्रीकृत रूपरेखा के विकास को चिन्हित कर लिया है।

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