विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर के विकास के एजेंडे को केंद्र का साथ

By Atul GuptaEdited By:
Published: Wed, 13 Apr 2016 11:36 AM (IST)Updated: Wed, 13 Apr 2016 08:29 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से पीडीपी-भाजपा सरकार के गठन के बाद अब राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने विकास ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से पीडीपी-भाजपा सरकार के गठन के बाद अब राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने विकास के एजेंडे को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष साझेदारी की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित राज्य के विशेष पैकेज को समय से पूरा करने की जिम्मेदारी अब सीधे वित्त सचिव के जिम्मे दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने जम्मू और श्रीनगर दोनों ही शहरों को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने का अनुरोध भी किया है। इसी तरह रक्षा मंत्री ने हंदवाड़ा फायरिंग की समयबद्ध जांच पूरी करने का भरोसा भी दिया है।

लंबी उहापोह के बाद राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद महबूबा मुफ्ती अपनी पहली दिल्ली यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात की। राज्य में जारी विवादों से परे हट कर यहां के विकास को तेज रफ्तार देने के इरादे से केंद्र ने अपनी सबसे ज्यादा तवज्जो राज्य को दिए प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज को समय से पूरा करने पर दी है। केंद्रीय वित्त सचिव रतन वातल को लाइजन अधिकारी घोषित कर उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इस पैकेज के लिए केंद्र से धन जारी होने में कोई देरी नहीं हो और योजनाएं समय से पूरी होती रहें।

प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात में मुख्यमंत्री से राज्य के विकास की सारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्हें केंद्र से हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिलाया। मंगलवार की शाम महबूबा से मुलाकात में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्रीय वित्त सचिव अब राज्य की योजनाओं के लिए वहां के वित्त मंत्री हसीब द्राबू के साथ नियमित तालमेल बनाए रखेंगे। मुख्यमंत्री ने जेटली से अनुरोध किया है कि राज्य को जल्द से जल्द 4880 करोड़ रुपये जारी किए जाएं। इनमें से दो हजार करोड़ रुपये विस्थापित हुए लोगों के मुआवजे पर खर्च किए जाने हैं, जबकि दो हजार करोड़ रुपए क्षतिग्रस्त ढांचागत सुविधाओं को दुबारा विकसित करने में लगाए जाएंगे।

इसी तरह शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात में उन्होंने जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने का अनुरोध किया है। साथ ही करगिल को अमृत (अटल मिशन फार रिजुविनेशन एंड अरबन ट्रांसफोरमेशन) योजना में शामिल करने की मांग भी की है। नायडू ने कहा कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में एनआइटी, श्रीनगर का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने पूरा भरोसा दिलाया है कि छात्रों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी।

महबूबा मुफ्ती ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात कर हंदवाड़ा में हुई सेना की फायरिंग का मामला भी उठाया। मुफ्ती ने कहा कि रक्षा मंत्री ने इस मामले की समयबद्ध जांच करवाने और दोषियों को गंभीर सजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। मुफ्ती ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसमें मारे गए लोगों के परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटना दुबारा नहीं हो। यहां जब भीड़ ने सेना के बंकर पर हमला कर दिया था और पत्थरबाजी कर रही थी तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए सेना ने गोली चलाई थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। मुफ्ती ने सेना के उपयोग में नहीं आ रही जमीन का भी राज्य को सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन भूमि का उपयोग विभिन्न नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकेगा।

पढ़ें- NIT: महबूबा बोलीं- सभी छात्र हमारे बच्चों की तरह, संरक्षण देना हमारी जिम्मेदारी