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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत बंद के दौरान माओवादियों का तांडव

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Published: Wed, 16 May 2012 10:11 AM (IST)Updated: Wed, 16 May 2012 09:55 PM (IST)

ऑपरेशन ग्रीन हंट और निर्दोष ग्रामीणो के उत्पीड़न के विरोध मे भाकपा [माओवादी] के भारत बंद मे बुधवार को कई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। ऑपरेशन ग्रीन हंट और निर्दोष ग्रामीणों के उत्पीड़न के विरोध में भाकपा [माओवादी] के भारत बंद में बुधवार को कई प्रदेशों में हिंसा हुई। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों के हमले में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। बीजापुर और राजनादगांव में भी फायरिंग की खबर है। वहां पर तीन वाहन भी फूंके गए हैं। झारखंड में एक लकड़ी का पुल और रेलवे लाइन के नीचे लगे लकड़ी के स्लैब जलाकर आवागमन को बाधित कर दिया गया।

माओवादियों के भारत बंद का छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा में असर रहा। इन प्रदेशों में कई स्थानों पर पेड़ काटकर सड़क पर गिरा दिए गए जिसके कारण आवागमन बाधित हो गया। छत्तीसगढ़ और झारखंड में रेल सेवाओं को लेकर भी सतर्कता बरती गई। कुछ पैसेंजर ट्रेन को रूट में कटौती करके केवल दिन में चलाया गया। घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में बस सेवा और टैक्सी सेवा भी ठप रही। जन सामान्य के वाहन भी बहुत कम संख्या में ही चले।

दो ग्रामीणों की हत्या

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के बोदली थाना क्षेत्र में माओवादियों ने मुखबिरी के संदेह में दो ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी।

बिहार में मुठभेड़

बिहार में कैमूर पहाड़ी के सीमावर्ती धनसा घाटी जंगल में मंगलवार को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संजय चेरो नामक हार्डकोर नक्सली को धर दबोचा है। मुठभेड़ स्थल से थ्री नॉ थ्री बोर की दो पुलिस राइफलें, पांच डेटोनेटर, 145 जिंदा कारतूस, एक केन बम, दो सेमी आटोमेटिक स्प्रिंग फील्ड व एक रेगुलर रायफल के साथ 10 मोबाइल चार्जर पुलिस मिले हैं।

शहरों से कटे गांव

झारखंड में बंद मिलाजुला असर दिखा। नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बंद से जिंदगी की रफ्तार थम सी गई, शहरी क्षेत्रों में लोगों की दिनचर्या सामान्य रही। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों और लंबी दूरी की बसों के नहीं चलने से लोग जरूर परेशान रहे। कुल मिलाकर गांवों का शहरों से संपर्क कटा रहा। पश्चिमी सिंहभूम में रेलवे ब्रिज की पटरी पर लगी लकड़ियों के 17 स्लैब जलाने के अतिरिक्त किसी अन्य घटना की सूचना नहीं है।

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