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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मजदूर की बेटी ने भरी हौसले की उड़ान,बनी कॉमर्शियल पायलट

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Fri, 13 Mar 2015 01:38 AM (IST)Updated: Fri, 13 Mar 2015 01:51 AM (IST)

उसकी उम्र की लड़कियां जब डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना बुन रही थीं तब वह कुछ अलग करना चाहती ...और पढ़ें

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हैदराबाद । उसकी उम्र की लड़कियां जब डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना बुन रही थीं तब वह कुछ अलग करना चाहती थी। उसके ख्वाब की लोग हंसी उड़ाते थे लेकिन आज वह भारत की उन कुछ मुस्लिम महिलाओं में शुमार है जिसके पास कमर्शियल पायलट का लाइसेंस है।

एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली सईदा सेल्वा फातिमा के पिता एक बेकरी श्रमिक हैं। उन्होंने अपने संकल्प और कठिन परिश्रम के बूते पर पुरुष प्रधान क्षेत्र में प्रवेश किया और लाइसेंस पाने वाली ओल्ड हैदराबाद की पहली महिला बनीं। अब वह मध्यम आकार के यात्री विमान का प्रमाणपत्र पाने की तैयारी कर रही हैं।

26 वर्षीय फातिमा ने बताया, 'जब मैं नौवीं कक्षा में थी तब विमानन जगत के लेख और विभिन्न विमानों की तस्वीरें जुटाती थीं। सभी लड़कियों की तरह मेरी सहेलियां भी डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहती थीं लेकिन मेरी ख्वाहिश कुछ अलग करने की थी।'