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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आईटी कंपनियों से महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम न कराने की सिफारिश

By Suchi SinhaEdited By:
Published: Tue, 28 Mar 2017 01:44 PM (IST)Updated: Tue, 28 Mar 2017 03:50 PM (IST)

एक विधायक मंडल ने कहा, आइटी और आइटीइएस सेक्टर को महिलाओं को नाइट शिफ्ट देने से इंकार करना चाहिए, ताकि उनकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।

आईटी कंपनियों से महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम न कराने की सिफारिश
आईटी कंपनियों से महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम न कराने की सिफारिश

नई दिल्ली(जेएनएन)। एक विधायक मंडल ने सिफारिश की है कि बेंगलुरु में आइटी और आइटीइएस सेक्टर को महिलाओं को नाइट शिफ्ट देने से इंकार करना चाहिए, ताकि उनकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।

महिला एवं बाल कल्याण पर विधायिका समिति के अध्यक्ष एन ए हारिस ने कहा, 'हम आइटी और जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम कराने के समर्थन में बिल्कुल भी नहीं हैं और चाहते हैं कि सुबह या फिर दोपहर की शिफ्ट में महिलाएं काम करें।'

रिपोर्ट बताती है कि कंपनियों में पुरुषों को नाइट शिफ्ट में काम करना चाहिए। 9 सितंबर 2016 को, समिति ने इंफोसिस और बायोकॉन का दौरा किया था, इस दौरान समिति ने प्रबंधन, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत की और उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर इन सिफारिशों को बनाया।

गौरतलब है कि सरकार ने महिलाओं के लिए समान अवसर प्रदान करने के लिए सभी क्षेत्रों से नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया था, उद्योग निकायों ने भी इस कदम का स्वागत किया।