यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जेएनयू: इश्क में मिली नाकामी से आकाश पर सवार हुआ पागलपन और..
प्रेम में असफल होने पर आकाश ने रोशनी की हत्या कर खुद भी मर जाने की साजिश बना ली थी। ...और पढ़ें

नई दिल्ली। प्रेम में असफल होने पर आकाश ने रोशनी की हत्या कर खुद भी मर जाने की साजिश बना ली थी। तभी वह बैग में सुसाइड नोट, सल्फास की बोतल, कुल्हाड़ी, चाकू व कट्टा लेकर कक्षा में आया था। डीसीपी बीएस जायसवाल ने भी इसकी पुष्टि की है।
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दो पन्ने के सुसाइड नोट में आकाश ने अंग्रेजी में लिखा है, मेरे मरने के बाद आप लोग पाएंगे कि मैं रोशनी से कितना प्यार करता था। जेएनयू में अपने दोस्त की हैवानियत की शिकार हुई लड़की की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक पहली सर्जरी के बाद भी लड़की की हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए दोबारा सर्जरी की गई। लड़की अभी भी वेंटिलेटर पर है।
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उससे कितना लगाव था। उसने यह भी लिखा है कि वह रोशनी की हत्या कर खुद भी मर जाएगा।
दो साल से प्रपोज कर रहा था आकाश
आकाश कुमार व रोशनी कुमारी गुप्ता दो सालों से एक-दूसरे को जानते थे। कोरियाई भाषा की साथ पढ़ाई करने के दौरान आकाश का जब रोशनी से परिचय हुआ तभी से उसने रोशनी से प्रेम जताना शुरू कर दिया था। लेकिन रोशनी ने मना कर दिया था। इससे वह बेहद तनाव में गुमसुम रहता था।
जेएनयू के प्रो. कमल मित्र चिनाय ने भी इसकी पुष्टि की है। उनका कहना था कि आकाश बार-बार रोशनी को एप्रोच करता था। वह उसके प्यार में आकर्षित हो गया था। तभी उसने ऐसा गलत कदम उठाया। प्रोफेसर चिनाय ने कहा कि दोपहर करीब डेढ़ बजे जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष लेनिन ने उनके पास आकर घटना की जानकारी दी। जेएनयू के प्रॉक्टर के मुताबिक रोशनी की बहन व परिवार के सदस्य दिल्ली में ही रहते हैं। आकाश के परिजनों को भी घटना को लेकर सूचित कर दिया गया है। वे लोग वहां से चल चुके हैं। सफदरजंग के न्यूरो वार्ड में भर्ती रोशनी का डॉ.करम चंद, डॉक्टर ललित व डॉक्टर सुरेश ने देर शाम ऑपरेशन किया।
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