यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जेएनयू छात्रा पर हमला: कुछ अनसुलझे सवाल
नई दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले कुछ सालों में लगातार चर्चा में है। कभी यौन उत्पीड़न तो कभी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नई दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले कुछ सालों में लगातार चर्चा में है। कभी यौन उत्पीड़न तो कभी छेड़खानी, कभी एमएमएस तो अब हत्या की कोशिश और आत्महत्या। दिल्ली विश्वविद्यालय या जामिया मिलिया इस्लामिया के इतर जेएनयू में रातें गुलजार रहती हैं। बौद्धक बहसों और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर लगातार पोस्टर के माध्यम से दिया जाने वाला जबाव छात्रों को आकर्षित करता हैं।
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सुलगती सिगरेट और बीयर की बोतल के साथ हास्टल, ढाबा और चाय की दुकानों पर देश-विदेश की समस्यों पर उठते सवाल और उनके जवाब तलाशते यहां के छात्र। लेकिन ऐसे कई सवाल अब भी जेएनयू के अनसुलझे हैं जिनका जबाव ठीक से जेएनयू प्रशासन के पास भी नहीं हैं।
क्लास में कैसे आया हथियार?
यह जेनएयू प्रशासन के लिए एक पहेली बना है कि अखिर कैंपस में हथियार कैसे आ गया। क्योंकि यहां पर गेट पर चुस्त सुरक्षा व्यवस्था के बाद कैंपस के अंदर सुरक्षा के पर्याप्त साधन नहीं थे। हालांकि जेएनयू प्रशासन का कहना है कि यहां पढ़ने वाली सभी छात्र अपने कार्य को लेकर गंभीर रहते हैं। यह इस तरह का पहला मामला था।
आकाश बिना प्रवेश के बीए थर्ड इयर की क्लास में कैसे बैठा था?
आकाश बीए पहले वर्ष से रोशनी के साथ पढ़ता था। तीसरे वर्ष में उसने रोशनी के साथ दाखिला नहीें लिया। फिर भी उसकी कक्षा में बैठा था और मौका देखते ही उसके ऊपर वार कर दिया। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यहां छात्र-छात्रओं की उपस्थिति दर्ज नहीं होती है। संकाय के डीन का कहना है कि वह पुराना छात्र था। और जेएनयू में यह नियम है कि छात्र तीसरे वर्ष के लिए देर पेनाल्टी के साथ फीस भर सकता है। वह द्वितीय वर्ष का उत्तीर्ण छात्र था इसलिए वह कक्षा में बैठ गया।
किसी ने क्यों नहीं बचाया?
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्र ने पीछे से छात्र के सिर पर हमला किया और उसके बाद धारदार हथियार निकाल कर हमला किया तो हाल में बैठे लगभग 30 छात्रों में कोई उस छात्र या छात्र को बचाने नहीं गया। इस हादसे पर चुटकी लेते हुए एक कर्मचारी ने कहा कि जेएनयू में एक कुत्ते को नगर निगम की गाड़ी ले जाती है तो उस वापस बुलाने के लिए आंदोलन होता है लेकिन इस छात्र या छात्र को बचाने मौके पर कोई नहीं आया।
शांति की अपील :-
जेएनयू में हुई घटना के तुरंत बाद जेएनयू प्रशासन में कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुधा पई ने प्रारंभिक जांच समिति बना दी है। इसमें मुख्य नियंता प्रो. पीसी रथ, प्रो. एचबी बोहिदार, प्रो. असलम इसलाही, डॉ. पीए जार्ज, जीत सिंह और गौतम पात्र शामिल किए गए। समिति ने शाम तक तैयार की रिपोर्ट में घटना का जिक्र किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। साथ ही सभी से शांत रहने की अपील की गई है।
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