यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'रोशनी ने मुझे दुख पहुंचाया, इसलिए उठाया कदम'
जवाहरलाल विश्वविद्यालय में छात्रा पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी आकाश के बैग से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जवाहरलाल विश्वविद्यालय में छात्रा पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी आकाश के बैग से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। दो पन्ने के इस सुसाइड नोट को अंग्रेजी में लिखा गया है। इसमें लिखा है कि जिस दिन हमलोगों ने डिपार्टमेंट ऑफ कोरियन लैंग्वेज में दाखिला लिया था। उसी समय से हम दोनों साथ-साथ रहते थे। हमलोग घंटों फोन पर एक-दूसरे से बातें करते थे। साथ खाना खाते थे, नोट्स शेयर करते थे। मैंने रोशनी को हमेशा भरपूर मदद की।
हाल के दिनों में रोशनी को लगा कि मैं बुरा इंसान हूं, इसलिए उसने मुझे छोड़ दिया। वह अपने दोस्तों के बीच मेरा मजाक उड़ाने लगी। इसे मैं सहन नहीं कर पा रहा था। रोशनी ने मुझे काफी दुख पहुंचाया, जिस वजह से मुझे इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा। मेरे मरने के बाद आप लोग पाएंगे कि मैं रोशनी से कितना प्यार करता था। मेरा उससे कितना लगाव था।
आकाश की दोस्ती ठुकराई :-
जेएनयू के कोरियन लैंग्वेज कोर्स में पढ़ाई के कारण आकाश कुमार व रोशनी कुमारी गुप्ता दो सालों से एक-दूसरे को जानते थे। पढ़ाई के दौरान आकाश ने कई बार रोशनी से दोस्ती की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन उसने मना कर दिया था। इस कारण आकाश बेहद तनाव में और शांत रहता था। जेएनयू के प्रो. कमल मित्र चिनॉय ने भी इसकी पुष्टि की है। प्रो. चिनॉय ने कहा कि बीते 16 दिसंबर से 31 मार्च तक जेएनयू के छात्र दिल्ली गैंगरेप की घटना को लेकर उसके विरोध में प्रदर्शन करते रहे। लेकिन जेएनयू के अंदर इस तरह की घटना से उन्हें काफी दुख पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि दोपहर करीब डेढ़ बजे जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष लेनिन ने उनके पास आकर घटना की जानकारी दी। जेएनयू के प्रॉक्टर के मुताबिक, रोशनी की बहन व अन्य परिजन दिल्ली में ही रहते हैं। वहीं आकाश के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। वे लोग वहां से चल चुके हैं।
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