विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिन्ना ने किया था वादा, पाक में महफूज रहेंगे गैर मुस्लिम

By Edited By:
Published: Sat, 31 Aug 2013 07:22 PM (IST)Updated: Sat, 31 Aug 2013 07:26 PM (IST)

नई दिल्ली। पाकिस्तान आज भले ही इस्लाम के नाम पर देश-दुनिया में आतंकवाद की फैक्ट्री बन गया है, लेकिन इस ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। पाकिस्तान आज भले ही इस्लाम के नाम पर देश-दुनिया में आतंकवाद की फैक्ट्री बन गया है, लेकिन इस मुल्क के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान के निर्माण के दिन 14 अगस्त 1947 को अपने संबोधन में सभी समुदायों के कल्याण और हित का ध्यान रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। यह अलग बात है कि ऑल इंडिया रेडियो द्वारा कराची में रिकॉर्ड किए गए जिन्ना के इस भाषण को कभी भी सार्वजनिक नहीं किया गया।

पढ़े : जिन्ना के भाषणों को दबाए रखने का कारण साफ करे सरकार

सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की अर्जी के जवाब में भारत सरकार ने जिन्ना के इस रिकार्डेड भाषण को सार्वजनिक किया है। जिन्ना ने अपने इस संक्षिप्त भाषण में पैगम्बर मोहम्मद साहब और हिंदुस्तान के महान बादशाह अकबर का हवाला देते हुए पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों के प्रति भी सहिष्णुता और उदारता बरतने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हम पाकिस्तान में रहने वाले सभी समुदायों के कल्याण के प्रति प्रयत्नशील रहेंगे। उम्मीद है जनसेवा का यह विचार सभी को प्रेरित करेगा। वह सहयोग की भावना के साथ इस विचार को अपने दिलों दिमाग में बैठाएंगे और राजनीतिक व सामाजिक सद्गुणों के आधार पर महान पाकिस्तान का निर्माण करेंगे।

पढ़े : आतंकियों ने तबाह की जिन्ना की आरामगाह

पैगम्बर मोहम्मद साहब का जिक्र करते हुए जिन्ना ने कहा था कि आदर्श की यह बातें सिर्फ कहने के लिए नहीं होनी चाहिए बल्कि इन्हें वास्तविक जीवन में उतारा भी जाना चाहिए। मुस्लिमों का पूरा इतिहास महान सिद्धांतों और दयालुता से भरा हुआ है, हमें अपने जीवन में इसका अनुसरण करना चाहिए। भारत सरकार ने ऑल इंडिया रेडियो द्वारा 3 जून 1947 में रिकॉर्ड किए गए जिन्ना के एक अन्य भाषण को भी सार्वजनिक किया है, जिसमें कायदे आजम ने सभी समुदायों खासकर भारत में रहने वाले मुसलमानों से सत्ता हस्तांतरण के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। भारतीय नेताओं के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है कि वह अपनी पूरी ताकत से लोगों को प्रेरित कर सत्ता हस्तांतरण से शांति व कानून व्यवस्था पर पड़ने वाले कुप्रभावों को रोकें।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर