यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इतालवी मरीन मामले में मंत्रालयों में तालमेल बिठाने का निर्देश
केरल के समुद्र तट पर दो इतालवी मरीन द्वारा दो मछुआरों की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ...और पढ़ें

नई दिल्ली। केरल के समुद्र तट पर दो मछुआरों की हत्या में आरोपी दो इतालवी मरीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह मंत्रालयों के बीच मुद्दे को सुलझाने के लिए वास्तविक प्रयास करे।
अटॉर्नी जनरल ने सरकार की ओर से अपना पक्ष प्रस्तुत करते कहा कि इटली सरकार द्वारा एसयूए वापस लेने की याचिका को लेकर विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय कानून मंत्रालय से संपर्क में है। उन्होंने कोर्ट मुद्दे को सुलझाने के लिए एक सप्ताह का वक्त मांगा। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
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गौरतलब है कि इटली के दोनों मरीन के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून लागू करने के मामले में इतालवी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इतालवी सरकार का तर्क है कि इस कानून का इस्तेमाल करना इटली गणरज्च्य को आतंकी देश मानने जैसा है।
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याचिका में कहा गया है कि दोनों मरीन पर एसयूए लागू करना शीर्ष अदालत के आदेश के खिलाफ है जिसने सिर्फ समुद्री सीमा क्षेत्र कानून, भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और यूएनसीएलओएस के तहत ही कार्यवाही की अनुमति दी थी।
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याचिका में कहा गया है कि एसयूए कन्वेन्शन के 2005 के ड्राफ्ट प्रोटोकाल में किसज् राच्य के सैन्यबल द्वारा अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान की गई कार्रवाई को स्पष्ट रूप से इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
याचिका के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा एकतरफा तरीके से एसयूए कानून के प्रावधानों को लागू करने का प्रयास शीर्ष अदालत के निर्देशों का जानबूझकर अनादर करना है।
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