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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में मदद करना चाहता है इजरायल

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Published: Tue, 09 Sep 2014 03:01 PM (IST)Updated: Tue, 09 Sep 2014 03:15 PM (IST)

इजरायल ने भारत की गंगा सफाई परियोजना में मदद की पेशकश की है। वह चाहता है कि जल शुद्धिकरण और ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। इजरायल ने भारत की गंगा सफाई परियोजना में मदद की पेशकश की है। वह चाहता है कि जल शुद्धिकरण और अपशिष्ट जल के ट्रीटमेंट में भारत का सहयोग करे। इस संबंध में पहले भी वह कई बार केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात कर चुका है।

भारत सरकार ने प्रदूषित नदियों को जीवंत करने के लिए तीन साल का लक्ष्य रखा है। इस संबंध में एक एकीकृत योजना 'नामामी गंगा' का गठन किया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।

गंदा जल को साफ कर उसे काम लायक बनाने में इजरायल को विशेषज्ञता प्राप्त है। वह प्रदूषित जल को भी खेतों और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल करने लायक बना देता है। इजरायल के आर्थिक और व्यापार मिशन के प्रमुख योनातन बेन जकेन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इजरायल की बेहतर तकनीक का इस्तेमाल कर भारत गंगा को स्वच्छ बना सकता है।

'जल सुरक्षा और जल प्रबंधन अपशिष्ट' विषय पर आयोजित एक सेमिनार में योनातन ने कहा कि इस संबंध में भारत से बातचीत चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा था कि 'नामामी गंगा मिशन' देश की प्राथमिक सूची में है। इस मिशन को लेकर उन्होंने एक उच्चस्तरीय बैठक भी की थी। इसमें ग्यारह इजरायली कंपनियों ने भाग लिया था। इस मौके पर 25 भारतीय कंपनियों को भी आमंत्रित किया गया था। दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे से रूबरू हुई थीं।