यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइएस की गतिविधियों का इस्लाम से कुछ लेना-देना नहीं
मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी संगठन आइएस की हरकतों की कड़ी भर्त्सना की है। उन्होंने गुरुवार ...और पढ़ें

हैदराबाद। मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी संगठन आइएस की हरकतों की कड़ी भर्त्सना की है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि इस आतंकी संगठन की गतिविधियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, 'उन्होंने अब तक जो कुछ भी किया है, उसकी विभिन्न संस्थाओं के इस्लामी विद्वानों ने भर्त्सना की है। आइएस आतंकी दुष्कर्म करते हैं, लोगों को मारते है, न सिर्फ निर्दयता से मारते हैं, बल्कि उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर देते हैं। वे सिर काट देते हैं। उन्होंने एक आदमी को जला दिया। इन आतंकियों का इस्लाम से कुछ भी लेना-देना नहीं है। यूं कहा जाए तो इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। आतंकियों को दंडित किया जाना चाहिए। वे रक्त-पिपासु हत्यारे और दुष्कर्मी हैं।'
हैदराबाद के कुछ युवा कथित रूप से आइएस में शामिल होने की कोशिशों के बारे में ओवैसी ने कहा कि कोई भी कानून नहीं तोड़ सकता। युवाओं को धार्मिक विद्वानों से बातचीत करनी चाहिए।
