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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पैसे लेकर असहिष्णुता पर छेड़ी गई बहस : वीके सिंह

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Mon, 16 Nov 2015 10:17 AM (IST)Updated: Mon, 16 Nov 2015 12:51 PM (IST)

क्षेत्रीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह असिष्णुता के मुद्दे पर जमकर बोले। उन्होंने कहा ...और पढ़ें

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लॉस एंजिल्स(अमेरिका)। क्षेत्रीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह असिष्णुता के मुद्दे पर जमकर बोले। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एनडीए सरकार को बदनाम करने में जुटे हुए हैं और एक सूत्रीय अभियान चला रहे हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ अभियान चलाने वाले बौद्धिक समुदाय के बारे में कहा कि कुछ खयाली लोग जिन्हें पैसे रुपये से भरपूर मदद की जा रही है वो सहिष्णुता और असहिष्णुता के बारे में दुनिया में भारत की गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं।

वी के सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक मकसद पूरा करने के लिए असहिष्णुता के खिलाफ अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि वो भारतीय मीडिया पर टिप्पणी नहीं करना चाहते है, लेकिन वो उस सच को बताएंगे जिसकी वजह से एनडीए सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई। दिल्ली के चुनावों के दौरान चर्चों पर हमले और उनको जलाए जाने की खबरें आती रहीं, लेकिन दिल्ली चुनाव जैसे ही समाप्त हुए इस तरह की घटनाएं बंद हो गयीं। और कुछ ऐसा ही अब देखने को मिल रहा है बिहार चुनाव के बाद असहिष्णुता के खिलाफ अभियान चलाने वाला तथाकथित बौद्धिक समाज खामोश हो गया है।

उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे जब दिल्ली के सड़कों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चला रहे थे तो उनको तिहाड़ जेल में डाल दिया गया और कथित बौद्धिक समाज खामोश रहा।उस समय दिल्ली में किसकी सरकार थी सबको पता है।

देश में नई सरकार के अाने के बाद बदलाव की बयार बह रही है, और इस बदलाव को आजतक कुछ राजनेता, कुछ पढ़े लिखे लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

गौरतलब है कि लॉस एंजिल्स में आयोजित क्षेत्रीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जा रहीं थीं लेकिन पेरिस में आतंकी हमले के बाद वो दुबई से भारत वापस लौट गईं थीं।