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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक को बेनकाब करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क पहुंची

By Atul GuptaEdited By:
Published: Sat, 24 Sep 2016 07:50 PM (IST)Updated: Sun, 25 Sep 2016 07:04 AM (IST)

सबसे पहले सोमवार को सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की आतंकी फैक्ट्री को बेनकाब करेंगी।

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो, एएनअाई । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र आम सभा के 71वें अधिवेशन में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी में सुषमा यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह अपने भाषण में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के साक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से साझा करेंगी।

भारत पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के झूठ को बेनकाब करेगा। उड़ी हमले के बाद भारत के कड़े तेवर को देखते हुए नवाज शरीफ झूठ पर उतर आए हैं। उन्होंने उड़ी हमले को कश्मीर में ज्यादती का परिणाम बताकर पाकिस्तान को बेकसूर साबित करने का प्रयास किया है। अब भारत दुनिया के सभी अहम देशों को उड़ी हमले के सबूत भेजकर यह साबित करेगा, किस तरह पाकिस्तान में प्रशिक्षित और पाक सेना से प्रायोजित आतंकियों ने यह हमला किया है।

सबसे पहले सोमवार सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की आतंकी फैक्ट्री को बेनकाब करेंगी। लेकिन सिर्फ यह प्रयास सिर्फ संयुक्त राष्ट्र महासभा तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बाद भारत संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन को अलग-अलग पाकिस्तान के खिलाफ सबूत सौंपे जाएंगे। अगले महीने होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जहां चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्राध्यक्ष गोवा में मौजूद रहेंगे, भारत पाकिस्तान के खिलाफ सबूत देगा। इसके साथ ही बिम्सटेक और आशियान जैसे मंचों पर इसे उठाएगा।

भारत के पास पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए पुख्ता सबूत मौजूद है। इसमें जापान निर्मित आइ-कॉम का मोबाइल सेट है। इस कंपनी का मोबाइल सेट पाकिस्तानी सेना उपयोग करती है। भारत ने जापान से भी यह बताने को कहा है कि उड़ी में मिला आइ-कॉम का सेट किसे बेचा गया था। इसके अलावा आतंकियों के पास से जीपीएस उपकरण भी मिला है। भारत इस जीपीएस का डाटा हासिल करने के लिए अमेरिकी फारेंसिक एक्सपर्ट की मदद ले रहा है। इससे आतंकियों के आने का पूरा रूट साफ हो जाएगा। दुनिया का कोई भी देश पाकिस्तान के खिलाफ इन सबूतों को नकार नहीं सकता है।

इन सबूतों के साथ-साथ भारत पिछले एक साल के भीतर घाटी में पकड़े गए तीन आतंकियों के बयान भी साझा करेगा। पिछले साल पकड़े गए नावेद से लेकर जुलाई में पकड़े बुरहानी बानी ने विस्तार से बताया है कि किस तरह उसे पाकिस्तान के भीतर आतंक हमले की ट्रेनिंग देकर भेजा गया था। एक दिन पहले बीएसएफ के हत्थे चढ़े आतंकी ने भी पाकिस्तान की पोल खोल दी है। नवाज शरीफ भले ही उड़ी हमले को कश्मीर उपद्रव से जोड़ रहे हैं, लेकिन पकड़े गए आतंकी कश्मीर में फिजा खराब के पीछे पाकिस्तान की भूमिका के सबूत दे रहे हैं।

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