यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरकार ने अगस्ता विसलैंड सौदे के लिए दिए 1818 करोड़ रूपये जब्त किए
भारत सरकार ने अगस्ता विसलैंड सौदा रद्द होने के बाद एंगलो-इंडियन कंपनी के बैंक गारंटी को जब्त कर अपने 1,818 करोड़ रूपये वापस ले लिए हैं।

नई दिल्ली। भारत सरकार ने अगस्ता विसलैंड सौदा रद्द होने के बाद एंगलो-इंडियन कंपनी के बैंक गारंटी को जब्त कर अपने 1,818 करोड़ रूपये वापस ले लिए हैं।
पिछले महीने इटली की अदालत से पैसा वापसी की मंजूरी मिलने के बाद रक्षा मंत्री ने इटली में कंपनी के बैंक अकाउंट में जमा बैंक गारंटी की रकम को निकाल लिया है।
इससे पहले विदेश मंत्री ने भारतीय बैंक में कंपनी द्वारा जमा किए गए ढाई सौ करोड़ रूपये को जब्त कर लिया था।
आपको बता दें कि भारत सरकार ने हैलिकॉप्टर सौदे की 45 फीसदी राशि कंपनी को दे दी थी जिसमें कंपनी ने भारत तो तीन हैलिकॉप्टर की डिलिवरी भी दे दी थी। लेकिन बाद में भारतीय वायूसेना ने पाया कि ये हैलिकॉप्टर उसकी मांग को पूरा नहीं करते हैं।
क्या है अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला
2010 में इटली के फिनमैकनिक्का कंपनी से 12 अगस्टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने का करार हुआ था। इस सौदे की कीमत 54 करोड़ यूरो (करीब 3600 करोड़ रुपये) थी। इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे अतिविशिष्ट लोगों के लिए होना था। इटली पुलिस के मुताबिक, इस सौदे के लिए कुल 5.1 करोड़ यूरो (360 करोड़ रुपये) की रकम इटली और भारत के लोगों को रिश्वत के तौर पर दी गई जो सौदे की कुल कीमत का करीब 10 प्रतिशत है।
पुलिस ने इस सिलसिले में फिनमैकनिक्का के सीईओ गुइसेपे ओरसी को गिरफ्तार किया था। वहीं, 2004 से 2007 तक वायु सेना प्रमुख रहे एसपी त्यागी पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था। मामला उजागर होने के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सौदे की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। बाद में सरकार ने हेलीकॉप्टर सौदे को रद्द कर दिया।
