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    काप-30 जलवायु सम्मेलन में भारत ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई: भूपेंद्र यादव

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:00 PM (IST)

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने काप-30 जलवायु शिखर सम्मेलन को समानता और जलवायु न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने सम्मेलन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई और अपने मुख्य लक्ष्यों को प्राप्त किया। भारत ने विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत की चिंताओं को निर्णयों में शामिल किया गया।

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    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव। (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में ब्राजील के बेलेम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र काप-30 जलवायु शिखर सम्मेलन को समता और जलवायु न्याय को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।

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    उन्होंने कहा कि भारत ने इस सम्मेलन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई और वैश्विक वार्ताओं में अपने सभी प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए हैं तथा सभी प्रमुख निर्णयों में उसकी स्थिति परिलक्षित होती है।

    भूपेंद्र यादव ने क्या कहा?

    ब्राजील में 10 से 22 नवंबर तक आयोजित काप-30 शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले भूपेंद्र यादव ने कहा कि देश ने सफलतापूर्वक खुद को 'बेसिक' (ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत, चीन) समूह और समान विचारधारा वाले विकासशील देशों के समूह के नेता के रूप में स्थापित किया है। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के वार्षिक सम्मेलन में 194 देशों के वार्ताकारों ने भाग लिया।

    'कार्य योजना की स्थापना से संतुष्ट'

    संयुक्त राष्ट्र वार्ता में भारत की उपलब्धियों पर उन्होंने कहा, ''काप-30 समता और जलवायु न्याय को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारत ने अपने सभी रुख, खासकर विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर, साहसपूर्वक अपनाए। हम परिणामों से खासकर अनुच्छेद 9.1 कार्य योजना की स्थापना से संतुष्ट हैं।''

    उन्होंने आगे कहा कि जलवायु वित्त, एकतरफा व्यापार उपायों, अनुकूलन, प्रौद्योगिकी और अन्य एजेंडा मदों पर भारत की चिंताओं को पूरी तरह से व्यक्त किया गया और अंतिम निर्णयों में शामिल किया गया।

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