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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जजों की संख्या में कमी रही तो हावी हो जाएंगे दलाल

By Atul GuptaEdited By:
Published: Sat, 29 Oct 2016 06:57 PM (IST)Updated: Sat, 29 Oct 2016 07:05 PM (IST)

लगभग सभी हाई कोर्टो में जजों के 50 फीसद पद खाली हैं। वैसे भी मुकदमों के निस्तारण में दस से 15 वर्षो की देरी हो रही है।

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हैदराबाद, प्रेट्र । हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तिों में हो रही 'देरी' पर मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की चिंता से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एन संतोष हेगडे़ भी सहमत हैं। इस मामले में उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया है। पूर्व जस्टिस ने चेताया है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो 'सभी प्रकार की व्यवस्था' में विवादों के हल के काम में दलाल हावी हो जाएंगे।

उन्होंने कहा, 'लगभग सभी हाई कोर्टो में जजों के 50 फीसद पद खाली हैं। वैसे भी मुकदमों के निस्तारण में दस से 15 वर्षो की देरी हो रही है। आने वाले दिनों में स्थिति क्या होगी? जनता न्याय प्रणाली (सिस्टम) से विश्वास खो देगी।'

उन्होंने बताया, 'एक बार जनता जब न्यायिक प्रणाली पर से विश्वास खो देगी, दलाल कहेंगे कि वे आपको मामले का निपटारा करा देंगे, ऋण की वसूली के लिए गुंडे जाएंगे, कब्जा कर लेंगे और तथाकथित न्याय कर देंगे।'

मालूम हो, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि सरकार इस तरह न्यायपालिका का कामकाज ठप नहीं कर सकती। सर्वोच्च न्यायालय का कहना था कि कोलेजियम की ओर से बहुत पहले की गई सिफारिशों के बाद भी हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं की जा रही है।

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