यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खनन माफिया में था आइएएस दुर्गा का खौफ
उत्तर प्रदेश शासन ने शनिवार देर रात गौतमबुद्ध नगर में तैनात एसडीएम सदर दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया। ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जेएनएन]। उत्तर प्रदेश शासन ने शनिवार देर रात गौतमबुद्ध नगर में तैनात एसडीएम सदर दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया। महज डेढ़ साल पहले सेवा में आई तेजतर्रार आइएएस दुर्गा को निलंबित किए जाने से आइएएस अधिकारियों में काफी रोष है। सोमवार को अधिकारी इस मसले पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी और प्रमुख सचिव नियुक्ति राजीव कुमार से मिलेंगे।
इस बीच रविवार को खनन माफिया के दबाव में की गई कार्रवाई के आरोपों पर सफाई देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि गांव कादलपुर में सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका के चलते अधिकारी को निलंबित किया गया। अधिकारी पर गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार को बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए अदूरदर्शी तरीके हटवाने के कारण कार्रवाई की गई। निलंबन की अवधि में नागपाल उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद, लखनऊ से संबद्ध रहेंगी।
गौरतलब है कि अपने एक साल के कार्यकाल में नागपाल ने मिट्टी और बालू खनन माफिया की गतिविधियों पर इस तरह लगाम कसा कि उनका नाम लेने पर ही माफिया खौफ खाते थे। मात्र एक महीने में ही उन्होंने 22 लोगों के खिलाफ बालू खनन के आरोप में मामला दर्ज कराया था। तीन माह पहले खनन माफिया ने एसडीएम दुर्गा के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का भी प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए दो लोगों को धर दबोचा।
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