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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्‍मीर में हिंसक भीड़ ने पीडीपी विधायक का घर फूंका, हिंसा में 150 घायल

By Kamal VermaEdited By:
Published: Fri, 19 Aug 2016 03:22 AM (IST)Updated: Fri, 19 Aug 2016 04:11 AM (IST)

कश्‍मीर में हिंसा का दौर अभी तक जारी है। अस्‍थायी लेक्‍चरर की मौत के बाद हुई हिंसक झड़पों में करीब ...और पढ़ें

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जम्मू (राज्य ब्यूरो)। कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन, झड़पें और आगजनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलवामा में अस्थाई लेक्चरर की मौत के बाद एक बार फिर से यहां पर कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा कई जगहों पर सुरक्षाबलों से झड़पों में 150 से अधिक लोग घायल हो गए। लेक्चरर शब्बीर अहमद मोंगा की मौत के साथ हिंसा में मरने वालों की संख्या 71 हो गई है। इससे पहले बुधवार देर रात शोपियां में हिंसक भीड़ ने पीडीपी विधायक के घर पथराव करने के साथ सुरक्षा गार्ड के कमरे को आग लगा दी।

कश्मीर के शोपियां में गुस्साई भीड़ ने पीडीपी विधायक मुहम्मद युसूफ भट्ट के घर पर धावा बोला। पहले पथराव किया फिर सुरक्षा गार्ड के कमरे को आग के हवाले किया। भट्ट पीडीपी के मुख्य सतेचतक हैं। वह उस समय घर पर नहीं थे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के आगे वे बेबस दिखे। प्रदर्शनकारियों ने वहां खड़ी मोटरसाइकिल को जला दिया। वहीं देर रात सुरक्षाबलों ने घरों में तलाशी अभियान चलाया। लोगों का आरोप है कि जवान कई युवकों को पकड़ कर साथ ले गए। क्षेत्रवासियों ने जब विरोध शुरू किया तो सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। 120 से अधिक लोग घायल हुए।

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सुरक्षाबलों का कहना है कि गुस्साई भीड़ ने रात को कैंप पर धावा बोला था। भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। विरोध में पुलवामा समेत कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हुए। डेढ़ दर्जन से अधिक अलगाववादी समर्थक घायल हो गए। कंगन में रात को हिंसक झड़पों में एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए। इनमें पांच सीआरपीएफ जवान शामिल हैं। धरने, प्रदर्शनों व क‌र्फ्यू का सिलसिला 41वें दिन से जारी रहने से कश्मीर में जनजीवन प्रभावित रहा। अलगाववादियों के 72 घंटे के यूएनओ मार्च को पुलिस ने दूसरे दिन नाकाम बनाया। प्रशासन ने सोनावर में यूएनओ कार्यालय की ओर जाने वाले सभी मार्गो को सील कर दिया था।

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