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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उमा ने दी चेतावनी और पुलिस के सामने से निकल गए भाजपा विधायक

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Published: Thu, 19 Sep 2013 08:59 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 19 Sep 2013 12:12 PM (GMT+05:30)

वे सदन से बाहर निकले, मीडिया को बयान दिया और चलते बने। मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी भाजपा के चार में ...और पढ़ें

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लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। वे सदन से बाहर निकले, मीडिया को बयान दिया और चलते बने। मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी भाजपा के चार में से तीन विधायक हुकुम सिंह, सुरेश राणा, संगीत सोम बुधवार को सदन में आए लेकिन आरोपी विधायकों को पकड़ना तो दूर, भारी तादाद में मौजूद पुलिस वारंट भी तामील नहीं करा पाई। भाजपा के तीनों विधायक सदन कार्रवाही में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ बयान देकर चलते बने। इनमें मोस्टवांटेड विधायक संगीत सोम भी थे।

मुजफ्फरनगर दंगे पर सांसत में सपा सरकार

सूत्रों के अनुसार भाजापा विधायकों ने चार बजे यह तय कर लिया था कि अगर एक भी गिरफ्तारी हुई तो सभी विधायक गिरफ्तारी देंगे। जिससे सरकार दबाव में आ गई। इसके बाद आरोपी विधायकों की गिरफ्तारी एक नाटक में बदल गई। भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह, सुरेश राणा और संगीत सोम को लेकर सुबह दस बजे सदन पहुंच गए थे। नामजद विधायक भारतेंदु नहीं आ सके। आरोपी विधायकों ने मुख्यमंत्री के सामने सदन में खूब नारेबाजी की और सरकार भी आरोपियों को जेल भेजने के दावे करती रही। इस बीच विधानभवन के बाहर भारी संख्या में पुलिस लगा कर विधायकों की गिरफ्तारी का माहौल भी बना दिया गया। इस बीच भाजपा ने भी कार्यकर्ताओं की फौज और सभी विधायकों व पूर्व विधायकों को विधान भवन के सामने जुटा लिया। करीब एक घंटे के हंगामें में कार्यकर्ताओं ने विधानभवन के गेट पर चढ़कर नारेबाजी की और पुलिस पूरा तमाशा चुपचाप देखती रही।

मुजफ्फरनगर में पुलिस के सामने हुआ था दंगा

इस दौरान उमा भारती, सतीश महाना, राधा मोहन अग्रवाल व उपेंद्र तिवारी आदि विधायकों के साथ आरोपी विधायक सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंचे और मीडिया को बयान देकर निकल गए। विधायकों को वारंट तामील कराने को आयी मुजफ्फरनगर पुलिस दफ्तर के गेट के भीतर नहीं पहुंच सकी।

गैर जमानती वारंट : इधर मुजफ्फरनगर की पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने और भड़काऊ भाषण देने के मामले में सांसद कादिर राना, विधायक संगीत सोम, बसपा विधायक नूर सलीम राना, बसपा विधायक मौलाना जमील, पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमा, उनके पुत्र सलमान सईद, पूर्व सभासद असद जमां और व्यापारी एहसान कुरैशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। नगला मंदौड़ में महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मामले में विधायक संगीत सोम, कुंवर भारतेंदु, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, प्रवक्ता राकेश टिकैत, पूर्व विधायक स्वामी ओमवेश, स्थानीय निवासी हरपाल, बिट्टू और चंद्रपाल के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।

उमा भारती : दंगे को लेकर सरकार की कार्रवाई पक्षपात पूर्ण होने से भारी आक्रोश है। बिना जांच गिरफ्तारी की गई तो उसका अंजाम सरकार को भुगतना होगा।

संगीत सोम : मुझे गिरफ्तार करने से पहले सरकार आजम खां को जेल भेजे क्योंकि दंगा भड़काने में जो साक्ष्य उनके खिलाफ मिल रहे हैं, वो किसी दूसरे के विरुद्ध नहीं। मैने कोई अपराध नहीं किया है।

जो भी आरोपी हैं, उन्हें वारंट तामील करवा रहे हैं। अभी तक किसी भी विधायक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। विशेष टीम जांच कर रही है, जो दोषी होंगे उनकी गिरफ्तारी जरूर होगी।

-आरके विश्वकर्मा, एडीजी/आइजी कानून-व्यवस्था

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