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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उड़ी शहीदों के परिजनों को मिला सुकून, कहा- सेना जारी रखे अभियान

By Manish NegiEdited By:
Published: Fri, 30 Sep 2016 01:45 AM (IST)Updated: Fri, 30 Sep 2016 04:52 AM (IST)

पीओके में घुसकर आतंकियों को मार गिराने की भारतीय सेना की कार्रवाई को शहीदों परिवारों ने अच्छा बताया है। परिजनों ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जम्मू। गुलाम कश्मीर में घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह करने के बाद उड़ी हमले के शहीद जवानों के परिजनों के कलेजे को ठंडक मिली है। बिश्नाह के छिब्बू चक के शहीद सूबेदार शहीद करनैल सिंह व रामगढ़ के शहीद हवलदार रवि पाल के परिजन चाहते हैं कि गुलाम कश्मीर में सेना के सर्जिकल स्ट्राइक तब तक जारी रहे जब तक आतंकी व उनके प्रशिक्षण शिविर खत्म न हो जाएं।

शहीद करनैल सिंह सैनी की पत्नी गीता देवी ने कहा कि पहले हम खून के आंसू रो रहे थे, अब उनके पति के हत्यारे खून के आंसू रो रहे हैं। आतंकियों के मारे जाने से शहीदों की आत्मा को शांति मिली है। उन्होंने कहा कि यह पहली केंद्र सरकार है जिसने शहीदों के परिवारों का मान रखा है। सैनिकों के हत्यारों को मौत मिलनी चाहिए, हमारी इस मांग पर कार्रवाई होने से कलेजे को सुकूल मिला है।

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शहीद की मां रत्नो देवी को भी आतंकवादियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई से राहत मिली है। उन्होंने जागरण को बताया कि पाकिस्तान ने सीमा पर रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। आतंकी भेजने वाले इस देश को सबक सिखाना जरूरी था। लोगों के घर तबाह करने के लिए भेजे जा रहे आतंकवादियों में से एक भी जिंदा नहीं बचना चाहिए।

पाकिस्तान में आतंकी तैयार करने वाले सभी शिविर तबाह होने चाहिए। हमारी सेना ने बदला लिया है। शहीद के पुत्र अनमोल सैनी बताया कि हमें अच्छा लगा कि हमारी सरकार ने सैनिकों की मौत का बदला लिया है। शहीदों के परिवारों का कुछ राहत मिली है। अब इसी तरह से पाकिस्तान में घुसकर उसे सबक सिखाना चाहिए।

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