यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हार्दिक ने ठुकराया गुजरात सरकार के साथ वार्ता का न्योता
आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे पाटीदारों को समझाने के लिए सरकार ने शनिवार को आंदोलन के नेता ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, गांधीनगर। आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे पाटीदारों को समझाने के लिए सरकार ने शनिवार को आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को वार्ता का न्योता भेजा। हालांकि, उन्होंने बात करने से इन्कार कर दिया है।
अहमदाबाद में 25 अगस्त को होने वाली महारैली से पहले सरकार ने आखिरी कोशिश करते हुए पाटीदार अनमत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को मंत्री समूह से वार्ता के लिए न्योता भेजा है। शाम तक आंदोलनकारियों की ओर से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
पटेल नेताओं का साफ कहना है कि अब आरक्षण से नीचे उन्हें कुछ मान्य नहीं है। भाजपा को इस आंदोलन से भीतरघात की आशंका सता रही है। बताया जा रहा है कि 40 पटेल नेताओं और विधायकों पर नजर रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आंदोलन पर नजर बनाए हुए हैं।
माना जा रहा है कि सरकार उनके निर्देश पर ही सामान्य वर्ग को विशेष पैकेज देने के लिए तैयार हुई है। पर पटेल इसे आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की चाल बता रहे हैं।
बैंसला भी लेंगे रैली में भाग
राजस्थान में गुर्जर आरक्षण के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके किरोड़ी सिंह बैंसला भी 25 अगस्त को होने वाली महारैली में भाग लेंगे। हार्दिक पटेल ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि गुर्जर और पटेल भाई-भाई हैं और ओबीसी दर्जे के लिए वे एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।
