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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आधार के डाटा प्रोटेक्शन पर किया एक्सपर्ट कमेटी का गठन: केंद्र सरकार

By Manish NegiEdited By:
Published: Tue, 01 Aug 2017 05:01 PM (IST)Updated: Tue, 01 Aug 2017 05:03 PM (IST)

सरकार ने बताया कि डाटा प्रोटोक्शन पर विचार करने वाली 10 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्णा हैं।

आधार के डाटा प्रोटेक्शन पर किया एक्सपर्ट कमेटी का गठन: केंद्र सरकार
आधार के डाटा प्रोटेक्शन पर किया एक्सपर्ट कमेटी का गठन: केंद्र सरकार

नई दिल्ली, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट में आधार कार्ड की गोपनीयता के मुद्दे पर मंगलवार को भी बहस हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि डाटा प्रोटेक्शन पर कानून ड्राफ्ट करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि डाटा प्रोटोक्शन पर विचार करने वाली 10 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्णा हैं। 

इससे पहले 26 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान वकील कपिल सिब्बल की ओर से कहा गया कि तकनीक ने प्राइवेसी के मुद्दे को कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस जटिल मुद्दे को वर्ष 1954 और 1962 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर संवैधानिक कसौटी पर नही कसा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राइट टू प्राइवेसी के मुद्दे पर नए सिरे से सुनवाई की जानी चाहिए। सिबब्ल ने कहा कि तकनीकी के इस युग में कई प्राइवेसी के पुराने मायने बदल चुके हैं और लोगों के निजी डाटा का दुरुपयोग किया जा रहा है।

बता दें कि, मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय पीठ कर रही है, जिसे तय करना है कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार के दायरे में आता है या नहीं। सिब्बल ने राइट टू प्राइवेसी के मुद्दे पर यूएस, कनाडा, आस्ट्रेलिया कें संविधान का हवाला देते हुए कहा कि वहां मौलिक अधिकार में राइट टू प्राइवेसी को शामिल नहीं किया गया है।

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