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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मीडिया पर सरकारी नियंत्रण के पक्ष में नहीं प्रधानमंत्री

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Wed, 16 Nov 2016 03:48 PM (IST)Updated: Wed, 16 Nov 2016 10:52 PM (IST)

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि मीडिया में सरकार का दखल नहीं होना ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि मीडिया के कामकाज में किसी तरह का सरकारी नियंत्रण नहीं होना चाहिए। हालांकि, आत्मनियंत्रण की पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी दखल से कोई बदलाव नहीं होगा। बुधवार को भारतीय प्रेस परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने हाल में पत्रकारों की हत्या पर दुख प्रकट किया।

उन्होंने कहा कि सच को दबाने का यह तरीका बहुत दर्दनाक होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। प्रेस को आत्मनियंत्रण की सीख देते हुए मोदी बोले, 'महात्मा गांधी ने कहा था कि बेलगाम लेखन भारी समस्याएं पैदा कर सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी हस्तक्षेप अव्यवस्था पैदा करेगा। इसलिए मीडिया को बाहर से नियंत्रित करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।'

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प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनियंत्रण कोई आसान काम नहीं है। लेकिन, सरकार को इसके कामकाज में कोई दखल नहीं देना चाहिए। यह प्रेस परिषद की जिम्मेदारी है। और जो लोग प्रेस से जुड़े हुए हैं, उन्हें देखना चाहिए कि समय के साथ इसमें किस तरह के बदलाव की जरूरत है। कंधार विमान अपहरण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यात्रियों के परिवारों की रोष भरी प्रतिक्रिया की चैनलों द्वारा 24 घंटों की रिपोर्टिग ने आतंकियों के हौसले बुलंद किए। उन्हें लगा कि वे इस तरह के जन दबाव से भारत सरकार से कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

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