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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BJP विधायक को 2004 मर्डर केस में गुजरात HC ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

By Srishti VermaEdited By:
Published: Sat, 12 Aug 2017 01:34 PM (IST)Updated: Sat, 12 Aug 2017 02:56 PM (IST)

फरवरी 2004 में गोंडाल के भाजपा विझायक जड़ेजा ने एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी थी जिसके जुर्म में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

BJP विधायक को 2004 मर्डर केस में गुजरात HC ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
BJP विधायक को 2004 मर्डर केस में गुजरात HC ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

अहमदाबाद (जेएनएन)। गुजरात उच्च न्यायालय ने गोंडाल भाजपा विधायक जयराजसिंह जड़ेजा और दो अन्य को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फरवरी 2004 में राजकोट में जड़ेजा ने एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी थी जिसके जुर्म में उन्हें ये सजा सुनाई गई है। न्यायाधीश अकील कुरैशी और बीरेन वैष्णव की एक बेंच ने भाजपा विधायक जड़ेजा, अमरजीत सिंह जड़ेजा और अंडर-19 क्रिकेटर महेंद्रसिंह राणा को उम्रकैद का सजा सुनाई। बताया जाता है कि फिलहाल ये 30 सितंबर को आत्मसमर्पण करने के लिए जमानत पर बाहर हैं।

जड़ेजा और 15 अन्य के खिलाफ जमीन विवाद मामले में नीलेश रैयानी की हत्या का आरोप था। इससे पहले 2010 में एक फास्टट्रैक अदालत ने जड़ेजा को इस मामले में दोषी पाया था। हालांकि 16 आरोपी जिसमें समीर पठान जो जड़ेजा का सहयोगी था उन्हें भी दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पठान ने इसके बाद खुद को निर्दोष बताते हुए निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। 

हालांकि इसके एक चश्मदीद गवाह रामजी मकवाना ने बताया कि जब जड़ेजा रैयानी पर गोलियों से हमला कर रहा था तब उसके साथी वहीं खड़े उसका साथ दे रहे थे। रिपोर्ट के आधार पर रैयानी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। 8 फरवरी 2004 के दिन वह अपने दोस्तों मकवाना के साथ कार में कहीं जा रहा था। घटना के बाद जड़ेजा और 15 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

मकवाना ने कहा था कि जड़ेजा अपनी कार से उतर कर खुलेआम अपनी गन से रैयानी के उपर फायर करना शुरु कर दिया। यह देखकर मकवानी घटनास्थल से भाग गया। पठान के वकील आफताब अंसारी के अनुसार, रैयानी एक जमीन विवाद के मामले में मारा गया था, क्योंकि उस जमीन पर कई लोग अपना दावा कर रहे थे जिसका परिणाम ये निकलकर आया।

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