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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राहुल के वार पर जेटली का पलटवार,'यूपीए के शासनकाल में थी ज्‍यादा महंगाई'

By Monika minalEdited By:
Published: Thu, 28 Jul 2016 04:21 PM (IST)Updated: Thu, 28 Jul 2016 05:09 PM (IST)

महंगाई मामले पर लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा भाजपा पर किए गए वार का जवाब देते हुए वित्‍त मंत्री अरुण ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। राहुल गांधी के मंहगाई के आरोप में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विकास के आकंड़ों की लड़ी लगाते हुए विपक्ष को करारा जवाब दिया। जेटली ने कहा कि आरोप लगाना तो आसान है, लेकिन पहले ये देखें कि सरकार ने पिछले 10 सालों के फंसे हुए कामों को किस तरह से सुलझाया है। जहां पूरी दुनिया वैश्विक मंदी के दौर से गुजर रही है। वहीं भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। आपने एक बार कर्जा माफ किया, शायद वो किसी को याद भी न रहे। लेकिन एनडीए ने गावों में सड़कों का विकास तीन गुना तेज कर दिया। जिससे हमारे किसान की गती में तेजी आएगी और ये हमेशा याद किया जाएगा।

महंगाई पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया में मंदी छाई हुई है। ऐसे में साधनों का इस्तेमाल करना भी मंहगा हो जाता है। विकसित देश भी इस मंदी से जूझ रहे हैं। लिहाजा विकासशील देशों पर इसका असर दिखना जायज है। ऐसे में भारत के बुनियादी ढांचों में तेजी, अर्थव्यवस्था के विकास को दर्शाती है।

महंगाई पर संसद में बोले राहुल

ये तेल के दाम की बात करते हैं। तो इन्हें जानना जरूरी है कि हमने 30 के नीचले स्तर और अब 50 डॉलर प्रति बैरल पर कच्चे तेल को कैसे विकास में प्रयोग किया। हमने इसे तीन तरह से विकास में लिया। पहले तो तेल कंपनियों को हो रहे घाटे को लाभ में परिवर्तित किया। दूसरा पैट्रोल और डीजल के दाम में पिछली सरकार ने जो लिंक-अप रखा था, उसे जारी रखा। ताकि दामों में ज्यादा वृद्धि न हो सके। तीसरा उपभोक्ता के पैसों को उसकी बुनियादी सुविधाओं में इस्तेमाल किया। जो आदमी अपनी गाड़ी में डीजल डालकर घूमता है, उसे अब घूमने के लिए अच्छे राजमार्ग मिलेंगे। साथ ही ये फार्मूला रेलवे में भी लागू किया और ये काम मोदी सरकार ने किया। आप उंगलिया उठाते हो, लेकिन घोटालों में भी काग्रेस के ही नाम आते हैं। हमारे नही। जिस गति से देश विकास कर रहा है, उसका असर अर्थव्यवस्था पर जल्द दिखेगा।

महंगाई की मार, सब्जियां आम लोगों की पहुंच से बाहर