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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घुसपैठ की कोशिश नाकाम करने वाले शहीद जवान गुरनाम सिंह को साथियों ने दी सलामी

By Atul GuptaEdited By:
Published: Sun, 23 Oct 2016 08:58 PM (IST)Updated: Sun, 23 Oct 2016 09:57 PM (IST)

बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में गुरनाम अमर रहे के नारों केबीच हजारों नम आंखों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर शहीद के पिता कुलबीर सिंह भी मौजूद थे।

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जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू संभाग के हीरानगर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की घुसपैठ को नाकाम बनाते हुए सीमा सुरक्षा बल का नाम रोशन करने वाले जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर के सिपाही गुरनाम सिंह को सीमा प्रहरियों ने रविवार को फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरनाम सीमा पर घुसपैठ नाकाम बनाने के अगले दिन शुक्रवार को हीरानगर में पाकिस्तानी स्नाइपर की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जम्मू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती गुरनाम सिंह शनिवार रात वीरगति को प्राप्त हुए थे।

बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में गुरनाम अमर रहे के नारों केबीच हजारों नम आंखों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर शहीद के पिता कुलबीर सिंह भी मौजूद थे। 173 बटालियन के शहीद के वे दोस्त भी शामिल थे, जिन्होंने गुरनाम के साथ मिलकर घुसपैठ को नाकाम बनाया था। बीएसएफ का नाम रोशन करने वाले शहीद को जम्मू फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में सलामी दी गई।

बीएसएफ के जवानों की एक टुकड़ी ने शस्त्र उलटे कर अपने 24 वर्षीय शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिगुल पर शोक धुन भी बजाई गई। फ्रंटियर मुख्यालय में पुष्प चक्र अर्पित करने वालों में बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक अरुण कुमार, आइजी डीके उपाध्याय, डीआइजी धर्मेंद्र पारिक व अन्य कई सेक्टर कमांडर शामिल थे। शहीद गुरनाम सिंह का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गांव भलेसर में होगा।

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