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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेठी से सियासी नहीं, घरेलू रिश्ता हैः राहुल गांधी

By manoj yadavEdited By:
Published: Wed, 03 Dec 2014 07:08 PM (IST)Updated: Wed, 03 Dec 2014 11:52 PM (IST)

बुधवार को हवाएं सर्द जरूर थीं, लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी सियासी गर्माहट का अहसास करा रही थी। ...और पढ़ें

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अमेठी [दिलीप सिंह]। बुधवार को हवाएं सर्द जरूर थीं, लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी सियासी गर्माहट का अहसास करा रही थी। अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने न कोई वादा किया और न ही सियासत की बात। उनकी जुबान पर सिर्फ अमेठी के विकास की बातें थीं। कहा कि अमेठी का विकास कराया है। यहां से घरेलू रिश्ता है, सियासी नहीं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे। रायबरेली के रास्ते अमेठी में दाखिल हुए राहुल का जगह-जगह स्वागत हुआ तो लोगों ने शिकायतों का पुलिंदा भी उन्हें थमाने से गुरेज नहीं किया। राहुल का कारवां फुरसतगंज होते हुए तेंदुआ चौराहे पर पहुंचा। वहां पहले से ही जुटे लोगों ने उन्हें घेर लिया। राहुल ने भी किसी को निराश नहीं किया।

तेंदुआ के पूरे धुन्नी का पुरवा में महिलाओं व ग्रामीणों से रूबरू होते हुए राहुल ने बिजली, पानी व सड़क के मुद्दों पर बात की। गांव में सोलर पंप के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने की बात कही। गांव के लोगों से सिर्फ और सिर्फ उनके विकास को लेकर ही चर्चाएं की। गांव की महिलाओं से समूहों से हो रही तरक्की के बारे में भी जानकारी ली। गांव से निकलते-निकलते राहुल ने महिलाओं से बातचीत में कहा कि बिना आपके विकास संभव नहीं है।

चुनाव के बाद छह महीने में पांचवीं बार अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे राहुल गांधी के दौरे में वक्त के बदलाव का अहसास साफ दिख रहा था। अमेठी के विकास के लिए यूपीए सरकार में बड़ी-बड़ी योजनाओं की घोषणा करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष अपनों के बीच छोटी-छोटी चीजों को गंभीरता से समझ रहे थे। साथ ही अपने प्रतिनिधियों को वह हर छोटी-छोटी बात नोट करने की हिदायत भी दी, ताकि उसका समाधान कराया जा सके।

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