यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भ्रष्टाचार का खुलासा न्यायपालिका की बदनामी नहीं
अपनी बेबाक टिप्पणियों और न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा कर सुर्खियां बटोर रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ...और पढ़ें

नई दिल्ली। अपनी बेबाक टिप्पणियों और न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा कर सुर्खियां बटोर रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कडेय काटजू ने अपनी आलोचना करने वालों पर पलटवार किया है। काटजू ने सवाल किया कि भ्रष्टाचार को उजागर करना न्यायपालिका को बदनाम करना कैसे हो सकता है?
काटजू ने कहा कि जजों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार न्यायपालिका को बदनाम नहीं करता और अगर कोई उनके भ्रष्टाचार को उजागर करे तो इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की संज्ञा दे दी जाती है। न्यायपालिका को बदनाम करने की तोहमत के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार की नई परिभाषा है।
गौरतलब है कि भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआइ) के अध्यक्ष काटजू ने पिछले दिनों एक लेख के जरिये खुलासा किया था कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान एक दागी जज को पदोन्नति दी गई थी।
