ईडी ने फिर भेजा विजय माल्या को नोटिस, नौ अप्रैल को हाजिर होने को कहा
विजय माल्या को परिवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर से समन भेजकर 9 अप्रेल को हाजिर होने को कहा है।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विजय माल्या भले ही बैंकों के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद उन पर जांच एजेंसियों का शिकंजा ढीला नहीं होगा। जब से माल्या देश से बाहर गए हैं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गंभीर अपराध जांच कार्यालय (सीएफआइओ) और आयकर विभाग उनके खिलाफ लगे आरोपों को अंजाम तक पहुंचाने में तेजी से जुटे हुए हैं।
ईडी ने शनिवार को उन्हें एक बार फिर नोटिस जारी करते हुए एक हफ्ते (09 अप्रैल) में पेश होने को कहा है। सीएफआइओ ने भी अपनी जांच के हवाले से माल्या को 20 अप्रैल को हाजिर होने का निर्देश दिया है। माल्या अगर इन दोनो नोटिसों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।
विजय माल्या की तरफ से यह सूचना भेजी गई थी कि वह अगले महीने पेश होने की स्थिति में होंगे। इसे खारिज करते हुए ईडी ने उन्हें एक हफ्ते के भीतर यानी नौ अप्रैल तक पेश होने का नोटिस जारी किया है।
निदेशालय का कहना है कि इस बार माल्या पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गैर वारंटी जारी किए जा सकते हैं। ईडी माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा आइडीबीआइ बैंक से लिए गए 900 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़े मामले की जांच कर रही है। इसकी जांच सीबीआइ भी कर रही है। सीबीआइ के कहने पर ही ईडी ने यह मामला दर्ज किया है। इसमें आरोप है कि कंपनी ने कर्ज की राशि का इस्तेमाल दूसरी जगहों में किया है। माल्या से उनकी कंपनी और व्यक्तिगत निवेश से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई हैं। इन्हें वह अभी तक उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
एसएफआइओ के सूत्रों का कहना है कि उनकी तरफ से माल्या को 20 अप्रैल, 2016 तक पेश होने का नोटिस जारी किया है। लेकिन माल्या ने हाजिर होने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा है। सूत्रों के मुताबिक माल्या का रवैया अभी तक सकारात्मक नहीं है, इसलिए उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। एसएफआइओ माल्या की कंपनी में शेयरों के घालमेल और फंड के गलत इस्तेमाल संबंधी आरोपों की जांच कर रहा है।
वापसी पर टिकी एजेंसियों की जांच
ईडी और एसएफआइओ की समस्या यह है कि उनकी आगे की जांच अब पूरी तरह से माल्या से पूछताछ पर टिकी हुई है। इन दोनो जांच एजेंसियों ने अपने स्तर पर जांच पूरी कर ली है। इसलिए माल्या के पेश नहीं होने से पूरी जांच प्रक्रिया ही ठप्प पड़ी हुई है। सीबीआइ की जांच भी उनके भारत लौटने के बाद ही रफ्तार पकड़ेगी। माल्या स्वदेश कब लौटेंगे, इसकी फिलहाल कोई सूरत निकलती नहीं दिख रही है। वह दो मार्च को देश छोड़कर चले गए थे।
किया था कर्ज लौटाने का प्रस्ताव
उन्होंने भारत आने से फिलहाल इन्कार किया है। अलबत्ता, 30 मार्च को उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सीलबंद प्रस्ताव पेश करके बकाया कर्ज में से 4,000 करोड़ रुपये लौटाने का प्रस्ताव किया गया। किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का करीब 9,000 करोड़ बकाया है।
विमान नीलाम करेगा सेवा कर विभाग
नई दिल्ली। सेवा कर विभाग जल्द ही विजय माल्या का विमान नीलाम करेगा। किंगफिशर एयरलाइंस ने यात्रियों से सर्विस टैक्स के रूप में वसूली गई रकम सरकारी खजाने में जमा नहीं की थी। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के चेयरमैन नजीब शाह ने कहा कि माल्या की कुछ संपत्तियां जब्त की गई हैं। विभाग 535 करोड़ रुपये के सेवा कर बकाये को वसूल करने के लिए विमान की नीलामी को अंजाम देगा।
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