विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कसाब की गोली से घायल देविका बोली- 26/11 के सभी साजिशकर्ताओं को हो फांसी

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 09 Feb 2016 08:28 AM (IST)Updated: Tue, 09 Feb 2016 02:22 PM (IST)

मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले में आतंकी की गोली लगने से घायल हुई देविका राेतवान ने मांग की ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले में आतंकी की गोली लगने से घायल हुई देविका राेतवान ने मांग की है कि इस हमले के साजिशकर्ताओं को पकड़कर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। देविका वही लड़की है जिसकी गवाही पर इस हमले में जिंदा पकड़े गए एकमात्र आतंकी अजमल कसाब को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी।

डेविड हेडली के इकबालिया बयान के बारे में उसने कहा कि वह इस हमले के बारे में न सिर्फ जानता था बल्कि उसने इसकी पूरी प्लानिंग भी की थी। इसके लिए वह कई बार मुंबई भी आया था। देविका ने कहा कि हेडली ने अपने बयान में कहा है कि 26/11 से पहले भी मुंबई काे दो बार दहलाने की कोशिश की थी, लिहाजा उसको भी फांसी की सजा दी जानी चाहिए। इसके अलावा उसके साथ जितने भी लोग जुड़े थे देविका ने उनके लिए भी फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।

शिवसेना ने सामना में हेडली को बताया महान, अमेरिका और कांग्रेस को लताड़ा

मुंबई हमले को लेकर डेविड हेडली ने किए दस बड़े खुलासे

गौरतलब है कि मुंबई कोर्ट और शिकागो की जेल में मौजूद 26/11 हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली के बीच हुई वीडियोकांफ्रेंसिंग में कई बातों का खुलासा हुआ है। अपनी इस गवाही में उसने कई लोगों का नाम उजागर किया है जो मुंबई पर हुए हमले में शामिल थे। इसमें से कई पाकिस्तानी की फौज के आला अधिकारी हैं तो कई आईएसआई के अधिकारी हैं।

गौरतलब है कि जिस वक्त मुंबई में आतंकी हमला हुआ उस वक्त देविका अपने पिता के साथ मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनस के प्लेटफार्म पर पुणे के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी। तभी वहां पर एक धमाका हुआ और आतंकी कसाब ने वहां मौजूद लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। कसाब की एक गोली देविका के पेट में लगी थी। इसके बाद उसको अस्पताल पहुंचाया गया। देविका बताती है कि अस्पताल में घायल की भी ड़ लगी थी।


आखिर कौन है डेविड की मदद करने वाला लश्कर का सज्जाद

वह करीब तीन माह तक अस्पताल में रही फिर डिस्चार्ज होकर राजस्थान अपने घर चली गई। वहां पर मुंबई पुलिस ने उससे संपर्क किया और कसाब के खिलाफ गवाही के लिए तैयार किया। देविका ने कोर्ट में न सिर्फ कसाब को आतंकी के तौर पर पहचाना बल्कि उसको फांसी के फंदे त क पहुंचाने में पुलिस की मदद भी की थी।


पढ़ें: जानें कौन है आतंकी डेविड हेडली, जिसे भारत ने आने के लिए बदलना पड़ा था नाम