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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हमें भारत में ही मारकर अंतिम संस्कार कर दो..

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Published: Wed, 17 Apr 2013 07:44 PM (IST)Updated: Wed, 17 Apr 2013 07:45 PM (IST)

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग को पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों की दासता जब ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग को पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों की दासता जब सुनाई जा रही थी तब मानवता भी शर्म सार थी। बुधवार को राजधानी दिल्ली के लोधी रोड स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय के बाहर पाकिस्तान से आए हिंदुओं ने जमकर प्रदर्शन किया तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।

इस अवसर पर विहिप दिल्ली के अध्यक्ष स्वदेशपाल गुप्ता व उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद ने कहा कि पाकिस्तान में मुस्लिम जिहादी कट्टर पंथियों की दरिंदगी के चलते हिंदुओं का जीना दूभर हो चुका है। हिंदुओं का जबरन धर्मातरण, महिलाओं का अपहरण, उनका शोषण, धार्मिक स्थलों पर आक्रमण, सामाजिक भेदभाव व संपत्ति हड़पना जैसी घटनाएं आम हो गयी है। वहां का गरीब हिंदू बंधुआ मजदूरों की तरह जीने को मजबूर है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से मांग की कि इस बाबत तुरंत कार्यवाही कर हिन्दुओं का उत्पीड़न रोका जाए तथा भारत आए हिंदुओं को सभी प्रकार की नागरिक सुविधाएं दिलाई जाएं। पाक हिंदू जत्थे के प्रमुख श्री धरम वीर बागडी ने रुआंसे स्वर में संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान रूपी नरक में घुट-घुट कर प्रतिपल जीने से तो अच्छा है हमें भारत में ही मार दो कम से कम अंतिम संस्कार तो हिंदू रीति रिवाज से हो सकेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए पाक हिन्दुओं के वार्डन व समाज सेवी नाहर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में हुए शोषण से आहत सभी भाई बहन मेरे जिगर के टुकडे़ हैं और में इनकी आजीवन सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं।

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