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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

त्रिलोकपुरी में चौथे दिन लौटी शांति

By Abhishake PandeyEdited By:
Published: Mon, 27 Oct 2014 09:09 AM (IST)Updated: Mon, 27 Oct 2014 09:10 AM (IST)

तीन दिन तक सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलसने के बाद दिल्ली के त्रिलोकपुरी में चौथे दिन शांति रही। हालांकि ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। तीन दिन तक सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलसने के बाद दिल्ली के त्रिलोकपुरी में चौथे दिन शांति रही। हालांकि इलाके में अभी तनाव बना हुआ है। लेकिन रविवार को किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी। इलाके में धारा 144 की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। दिनभर शांति रहने के बाद शाम को ही लोग जरूरत का सामान लेने के लिए घरों से बाहर निकले।

त्रिलोकपुरी के तनाव वाले इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवान तैनात किए गए हैं। इन इलाकों में जवानों ने फ्लैग मार्च किया। मयूर विहार थाने में पुलिस के आला अधिकारियों ने दोनों समुदायों के बुजुर्गो के साथ बैठक की और उनसे इलाके में शांति बहाल करने के लिए अपील करने की मांग की।

पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि इलाके में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। शनिवार के बाद इलाके में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी गई है। रविवार को पुलिस ने धारा 144 लगाने के साथ रणनीति में भी बदलाव किया। बड़ी संख्या में पुलिसबल उतारने के साथ तनावग्रस्त हर गली के चौराहे पर पुलिसकर्मियों और जवानों को तैनात किया गया। इनमें महिलाकर्मियों की तादाद भी काफी रही। इलाके में करीब तीस पीसीआर वैन, वाटर कैनन और दंगा निरोधक वाहन को तैनात किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक त्रिलोकपुरी में क‌र्फ्यू जैसे हालात नहीं हैं, बल्कि चार से ज्यादा लोगों को एक जगह पर एकत्र नहीं होने देने के लिए धारा 144 लगाई गई है।

बता दें कि दो समुदाय के बीच तनाव के बाद दीपावली की रात से इलाके में रुक-रुक कर पथराव चल रहा था। शनिवार तड़के उपद्रव कर रहे कुछ लोगों ने एक कपड़े के शो-रूम में आग लगा दी थी। उसके बाद इलाके में काफी तनाव हो गया और हंगामा अन्य ब्लॉकों में फैल गया।

थाने के बाहर भीड़

मयूर विहार थाने के अंदर पुलिस अधिकारी दिनभर बैठकें करते रहे तो बाहर ऐसे लोगों का जमावड़ा रहा जिनके रिश्तेदारों को पुलिस ने दंगा फैलाने का आरोप में गिरफ्तार किया है। बाहर खड़ी एक महिला ने बताया कि उनका बेटा एक धार्मिक चैनल में काम करता है। सुबह वह अपने दफ्तर से लौटकर आ रहा था तभी पुलिस ने उसे उठा लिया है। इसी तरह बाहर मौजूद ज्यादातर लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने घरों से जबरन उनके अपनों को हिरासत में लिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लोग घरों की छतों से पुलिस व दूसरे समुदाय के लोगों पर पथराव कर रहे थे, साथ ही उन पर गोलीबारी भी कर रहे थे।

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