विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली ने कहा, हरियाणा पानी रोकेगा तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 18 Mar 2016 04:28 AM (IST)Updated: Fri, 18 Mar 2016 05:39 AM (IST)

जाट आंदोलन के चलते पिछले दिनों जलसंकट का सामना कर चुके दिल्ली वालों को दोबारा इस समस्या से जूझना पड़ ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। जाट आंदोलन के चलते पिछले दिनों जलसंकट का सामना कर चुके दिल्ली वालों को दोबारा इस समस्या से जूझना पड़ सकता है। दिल्ली में जलसंकट की आशंका तेज हो गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री व जल बोर्ड के अध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि यमुना का पानी देश का है, किसी राज्य का नहीं।

यदि हरियाणा पानी रोकेगा तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इससे पहले हरियाणा के कृषि एवं सिंचाई मंत्री ओपी धनखड़ ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा है, आप हरियाणा के किसानों और लोगों के हितों के खिलाफ खड़े हो गए हैं।

ऐसे में हरियाणा अपनी नहर प्रणाली से दिल्ली को पानी पहुंचाने में असमर्थ होगा। पानी के लिए आप नंगल डैम और ताजेवाला से अलग नहर बनवाने का कष्ट करें। जिससे कि पानी आपके प्रयासों से दिल्ली तक पहुंच सके। हरियाणा सरकार का आरोप है कि केजरीवाल ने पंजाब दौरे के समय कहा था कि वे सतलज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के खिलाफ हैं।

पंजाब के पास इतना पानी नहीं है कि दूसरों को दिया जा सके। धनखड़ ने केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा है, आपने हमारे एकमात्र संभावित साधन एसवाईएल नहर का पंजाब में अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए विरोध किया है।