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    फेलिन तूफान ने फैलाई दहशत, अलर्ट

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    Updated: Sat, 12 Oct 2013 06:01 AM (IST)

    आंध्र प्रदेश के समुद्र तटों पर ऊंची लहरों ने शुक्रवार को ही दस्तक देनी शुरू कर दी। शनिवार शाम को आ रहे फेलिन तूफान से पहले आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, फेलिन तूफान से निपटने के लिए ओडिशा के साथ-साथ झारखंड ने अपनी-अपनी सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है।

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    नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। आंध्र प्रदेश के समुद्र तटों पर ऊंची लहरों ने शुक्रवार को ही दस्तक देनी शुरू कर दी। शनिवार शाम को आ रहे फेलिन तूफान से पहले आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, फेलिन तूफान से निपटने के लिए ओडिशा के साथ-साथ झारखंड ने अपनी-अपनी सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है।

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    वहीं, मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान 205 से 215 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से आएगा। हालांकि, कुछ जानकार इसे ज्यादा गंभीर बताते हुए तमाम सरकारी तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं। इसे अमेरिका में 2005 में आए कटरीना तूफान से भी घातक बताया जा रहा है। कटरीना ने 1800 से ज्यादा लोगों की जान ली थी और 21 लाख लोग इसकी चपेट में आकर बेघर हो गए थे।

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    मौसम विभाग ने अपने ताजा अनुमान के आधार पर बताया है कि शनिवार शाम फेलिन ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। उत्तरी आंध्र प्रदेश के कलिंगपत्तनम और पारादीप के बीच से शुरू होकर यह ओडिशा के गोपालपुर की ओर बढ़ेगा। इन राज्यों में बचाव का काम इसी आकलन के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने अपने आकलन में पाया है कि इस तूफान की तीव्रता और अधिक होगी। इसने तूफान की अधिकतम गति 215 की बजाय 315 किमी प्रति घंटा तक होने की आशंका जताई है।

    भारतीय मौसम विभाग इसे एक से पांच तक की श्रेणी में चौथी श्रेणी का तूफान बताया है। वहीं, अमेरिकी चेतावनी इसे सबसे खतरनाक पांचवी श्रेणी का बता रही है। इस मामले में अगर मौसम विभाग का आकलन सही साबित नहीं हुआ, तो यह चूक बहुत भारी पड़ सकती है। वर्ष 1999 में औडिशा में आए ऐसे तूफान में दस हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

    आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में शुक्रवार दोपहर तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा चुका था। अभी लोगों को उन इलाकों से निकालने का काम जारी है। इन राज्यों में बड़ी संख्या में राहत कैंप बनाए गए हैं। साथ ही हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री एके एंटनी ने तीनों सेनाओं को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।

    राष्ट्रीय आपदा बचाव बल [एनडीआरएफ] ने दावा किया है कि तीनों राज्यों में पर्याप्त संख्या में टीमें तैनात की गई हैं। ओडिशा में 28, आंध्र प्रदेश में 15 और पश्चिम बंगाल में चार टीमें तैनात की गई हैं। जानकारों का मानना है कि यह हिंद महासागर में आया अब तक का सबसे बड़ा तूफान हो सकता है।

    ओडिशा-झारखंड में अलर्ट

    जागरण न्यूज नेटवर्क, रांची। फेलिन तूफान से निपटने के लिए ओडिशा के साथ-साथ झारखंड ने अपनी-अपनी सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है। ओडिशा सरकार ने पुलिस बलों को किसी भी सूरत में थाना छोड़कर न जाने की हिदायत देने के साथ आपदा प्रबंधन टीम, बचाव दल और अग्निशमन विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा है। झारखंड सरकार ने अलर्ट जारी करने के साथ लोगों को 13 व 14 अक्टूबर को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

    ओडिशा में प्रशासन की ओर से लोगों से कच्चे घरों में न रहने और पक्के घरों में शरण लेने को कहा गया है। राजधानी में एक लाख खाद्य पैकेट तैयार रखने की तैयारी है। खाद्य पैकेट एयर ड्राप करने की भी योजना बनाई गई है। प्रभावित होने वाले इलाके में संचार व बिजली की बहाली हेतु जोर दिया गया है। आवागमन बहाली के लिए पर्याप्त क्रेन व कटर मशीन को तैयार रखा गया है। सचिवालय सहित जिला मुख्यालयों में उच्च पदाधिकारी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री सूर्य नारायण पात्र ने कहा है कि लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार के पास खाद्यान्न की कोई कमी नहींहै।

    झारखंड में एहतियात के तौर सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह शनिवार को मंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। उन्होंने मौसम विभाग के हवाले से बताया कि झारखंड में चक्रवाती हवा की रफ्तार 65 से 70 किमी. प्रति घंटे हो सकती है। इसे देखते हुए रांची, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी, लातेहार समेत पूरे कोल्हान मंडल को चौकन्ना रहने को कहा गया है। इस दौरान पूजा पंडालों और बिजली तारों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी गई है।

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