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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरटीआइ में बदलाव का विरोध करेगी कांग्रेस

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Mon, 03 Apr 2017 07:38 PM (IST)Updated: Mon, 03 Apr 2017 09:43 PM (IST)

गौरतलब है कि सरकार ने आरटीआइ नियमों में संशोधन के लिए मसौदा जारी कर आम जनता से इस पर राय मांगी है।

आरटीआइ में बदलाव का विरोध करेगी कांग्रेस
आरटीआइ में बदलाव का विरोध करेगी कांग्रेस

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । सूचना का अधिकार कानून में बदलाव के सरकार के प्रस्ताव का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने कहा है कि आरटीआइ संशोधन के मसौदे को अगर मंजूरी मिल गई, तो आम नागरिक को सरकारी महकमों से सूचना हासिल करना काफी मुश्किल होगा। सरकार का यह कदम आरटीआइ का गला घोंटने जैसा होगा। संसद के बाहर और भीतर इसके विरोध का एलान करते हुए कांग्रेस ने सभी प्रगतिशील ताकतों से सरकारी प्रस्ताव के खिलाफ एकजुट होने को कहा है। गौरतलब है कि सरकार ने आरटीआइ नियमों में संशोधन के लिए मसौदा जारी कर आम जनता से इस पर राय मांगी है।

आरटीआइ को सात दशकों में आम आदमी को मिला सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि इसके जरिये सरकार पहली बार सीधे जनता की निगरानी में आ गई। परोक्ष रूप से अरविंद केजरीवाल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आरटीआइ के सहारे कुछ लोग मुख्यमंत्री तक बन गए। इससे साबित होता है कि संप्रग सरकार ने अपने 10 साल के शासन में आरटीआइ को कमजोर नहीं होने दिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि तब भी सरकार और नौकरशाही के अंदर से आरटीआइ नियमों को लचीला बनाने की आवाज उठाई गई थी। मगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसमें कोई बदलाव नहीं होने दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बदलाव के प्रस्तावों में शब्द सीमा 500 तक रखने की बात है। मगर इसमें खामी यह है कि अधिकारी के पास आवेदन को खारिज करने की गुंजाइश रखी गई है। इसी तरह आवेदन पत्र के टाइप होने और शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव आम आदमी को सूचना लेने से हतोत्साहित करने वाला है। आवेदनकर्ता के अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष जाने की स्थिति में एतराज का प्रस्ताव है। इससे आरटीआइ के जरिये सूचना हासिल करने में वक्त दोगुना लगेगा, क्योंकि इससे कानूनी लड़ाई बढ़ेगी।

सरकार पर आरटीआइ को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाते हुए तिवारी ने कहा कि राजग ने अपने शासन में अनौपचारिक तौर पर इसकी धार को कुंद करने का पूरा प्रयास किया है। संशोधन मसौदे के जरिये सरकार की यह कोशिश अब खुलकर सामने आ गई है। तिवारी ने जनता से भी सरकार के मसौदे का विरोध करने को कहा है।