यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अन्ना के आंदोलन में शामिल नहीं होगी कांग्रेस
कांग्रेस ने साफ किया है कि वह मोदी सरकार के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा किए जा रहे आंदोलन ...और पढ़ें

नई दिल्ली। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह मोदी सरकार के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा किए जा रहे आंदोलन में शामिल नहीं होगी। अन्ना भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए लाए गए अध्यादेश के विरोध में 23 फरवरी से दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इसी दिन संसद के बजट सत्र की शुरुआत भी हो रही है।
नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एक कांग्रेस नेता ने बताया कि सरकार के इस अध्यादेश के खिलाफ पार्टी ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विरोध करती रहेगी। हालांकि कांग्रेस अन्ना के साथ मंच साझा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत या किसी संगठन द्वारा इस तरह की पहल करना निश्चित रूप से सरकार पर दबाव पर बनाने का काम करेगा। इसका हमारी पार्टी स्वागत करती है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कोई भी सामाजिक संगठन या व्यक्ति भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन में उनकी पार्टी से जुड़ सकता है। उन्होंने भूमि कानून में संशोधन को किसान विरोधी करार दिया।
अन्ना के इस दो दिवसीय विरोध-प्रदर्शन को मजबूती देने के लिए इसमें देश-भर के हजारों किसानों के अलावा 70 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संप्रग सरकार में भूमि अधिग्रहण कानून अस्तित्व में आया था।
