विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में चुनाव न लड़ने के फैसले पर 'आप' में टकराव

By Edited By:
Published: Wed, 23 Jul 2014 10:21 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 24 Jul 2014 07:20 AM (GMT+05:30)

आम आदमी पार्टी (आप) के हरियाणा में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले ने एक बार फिर पार्टी के प्रदेश ...और पढ़ें

News Article Hero Image

चंडीगढ़ [जागरण ब्यूरो]। आम आदमी पार्टी (आप) के हरियाणा में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले ने एक बार फिर पार्टी के प्रदेश प्रभारी योगेंद्र यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नवीन जय¨हद को आमने-सामने ला दिया है। राज्य में चुनाव नहीं लड़ने के लिए माहौल बनाने के आरोपों की सफाई देने के लिए जय¨हद ने राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिलने का फैसला किया है।

करनाल में मंगलवार को हुई आम आदमी पार्टी की बैठक में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला हुआ था। योगेंद्र यादव चाहते थे कि विधानसभा चुनाव लड़ा जाए, जबकि जय¨हद इसके पक्ष में नहीं थे। चुनाव नहीं लड़ने के फैसले का ठीकरा अपने सिर फूटता देख जय¨हद ने अरविंद केजरीवाल से मिलकर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। योगेंद्र यादव का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ नेता गलत बयानबाजी कर रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है। लिहाजा वे जल्द ही प्रदेश के वालंटियर्स को लेकर केजरीवाल से मुलाकात करेंगे। जय¨हद ने कहा कि करीब दो माह पहले केजरीवाल ने राज्य के नेताओं से गांव-गांव में जाकर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कहा था, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं की जमीनी स्तर पर काम करने के बजाय चुनाव लड़ने में ज्यादा रुचि रही।

दूसरी तरफ योगेंद्र यादव पहले ही कह चुके हैं कि करनाल की बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका है और अंतिम फैसला राष्ट्रीय संयोजक को करना है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजीव गोदारा का कहना है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव किसी भी समय हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव के बाद जो हालात बने हैं, ऐसे में पार्टी का विधानसभा चुनाव लड़ने का औचित्य नहीं बनता।

पढ़ें : आप का हरियाणा में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला