Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    35 यूट्यूब चैनल और 2 वेबसाइट समेत कई इंटरनेट मीडिया अकाउंट को बंद करने का निर्देश, भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप

    By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
    Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:45 PM (IST)

    केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 35 यूट्यूब चैनल दो वेबसाइट दो ट्विटर अकाउंट दो इंस्टाग्राम अकाउंट और एक फेसबुक अकाउंट को ब्लाक करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने बताया कि इन सभी खातों में आम बात यह है कि वे पाकिस्तान से संचालित होते हैं।

    Hero Image
    केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने की बड़ी कार्रवाई

    नई दिल्ली, एएनआइ। भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने वालों पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 35 यूट्यूब चैनल, दो वेबसाइट, दो ट्विटर अकाउंट, दो इंस्टाग्राम अकाउंट, और एक फेसबुक अकाउंट को ब्लाक करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने बताया कि इन सभी खातों में आम बात यह है कि वे पाकिस्तान से संचालित होते हैं और फेक भारत विरोधी समाचार और अन्य सामग्री फैलाते हैं। इस बात की जानकारी मंत्रालय को 20 जनवरी को खुफिया विभाग के इनपुट से मिली। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सूचना प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय ने कहा कि यह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने वाले सूचना युद्ध की तरह है। खुफिया एजेंसियों की तरफ से लगातार निगरानी की जा रही है।

    वहीं, इसके पहले 19 जनवरी (बुधवार) को सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि सरकार देश के खिलाफ साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा था कि मैंने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। मुझे खुशी है कि दुनियाभर के कई बड़े देशों ने इसका संज्ञान लिया। यूट्यूब भी आगे आया और उन्हें ब्लाक करने के लिए कार्रवाई की।

    पहले भी 20 ट्यूब चैनलों को किया जा चुका है बंद

    बता दें कि इससे पहले साल 2021 में केंद्र सरकार ने भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने वाले 20 यूट्यूब चैनल व दो वेबसाइट को ब्लाक कर दिया था। तब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि हमने भारत विरोधी दुष्प्रचार और फेक न्यूज फैलाने वाली वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई की है। यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पाकिस्तान से चलाए जा रहे एक दुष्प्रचार नेटवर्क से संबंधित हैं और भारत से संबंधित विभिन्न संवेदनशील विषयों के बारे में फर्जी खबरें फैला रहे थे।