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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनएसजी में भारत की एंट्री पर चीन बना रोड़ा, कहा NPT पर दस्‍तखत जरूरी

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 16 May 2016 06:36 PM (IST)Updated: Mon, 16 May 2016 09:48 PM (IST)

चीन पूरी कोशिश कर रहा है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत का प्रवेश न हो पाए। हालांकि इसके लिए अमेरिका भारत का पुरजोर समर्थन कर रहा हैै।

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बीजिंग (प्रेट्र)। अमेरिका के मजबूत समर्थन के बावजूद चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत का प्रवेश रोकने की कोशिश कर रहा है। उसने समूह में शामिल होने के लिए परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तख्त को जरूरी बताया है। साथ ही कहा है कि 48 सदस्यीय इस समूह की सदस्यता किसी नए देश को आम सहमति से ही दी जानी चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने सोमवार को कहा कि एनएसजी ने सदस्यता के लिए गंभीर राजनीतिक और तकनीकी मापदंड तय कर रखे हैं। उनमें से एक आवश्यक मापदंड एनपीटी पर दस्तख्त करना है। यह पूछे जाने पर कि गैर एनपीटी देशों को सदस्यता देने के लिए चीन किस तरह का मापदंड चाहता है ली ने आम सहमति बनाने की बात कही।

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यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने भारत को एनएसजी की सदस्यता देने का विरोध किया है। पूर्व में वह भारत को रोकने के लिए वीटो की बात भी कह चुका है। दूसरी ओर, वह पाकिस्तान को समूह में शामिल करवाने के लिए प्रयासरत है। गौरतलब है कि भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तरी सूडान संयुक्त राष्ट्र के वे चार सदस्य देश हैं जिन्होंने एनपीटी पर दस्तख्त नहीं कर रखे हैं।

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