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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र की नई सरकार चुनेगी लोकपाल

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Published: Thu, 24 Apr 2014 08:04 PM (IST)Updated: Fri, 25 Apr 2014 07:05 AM (IST)

नए लोकपाल की नियुक्ति से फिलहाल केंद्र सरकार पीछे हट गई है। अब इसका फैसला केंद्र में आने वाली नई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। नए लोकपाल की नियुक्ति से फिलहाल केंद्र सरकार पीछे हट गई है। अब इसका फैसला केंद्र में आने वाली नई सरकार ही करेगी। इस बात का इशारा गुरुवार को उस समय मिला जब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट को बताया कि वह लोकपाल की नियुक्ति के बारे में तत्काल कोई फैसला नहीं लेने जा रही है। सरकार की ओर से ऐसा भरोसा दिए जाने पर पीठ ने मामले की सुनवाई पांच मई तक टालते हुए कहा, फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत नहीं है।

गैर सरकारी संगठन कामनकाज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लोकपाल कानून के तहत बनाए गए नियमों की वैधता को चुनौती दी है। जिस पर कोर्ट केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी कर चुका है। इस बीच संस्था ने मामले में एक अर्जी दाखिल कर लोकपाल नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।

न्यायमूति आर एम लोधा की पीठ इस अर्जी पर सुनवाई कर रही है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता [सालिसिटर जनरल] मोहन परासरन ने पीठ को बताया कि सरकार लोकपाल की नियुक्ति के बारे में तत्काल कोई निर्णय नहीं लेने जा रही। हालांकि,पिछली सुनवाई पर भी महाधिवक्ता ने कोर्ट से कहा था सरकार फिलहाल लोकपाल की नियुक्ति के बारे में कोई निर्णय नहीं लेगी और इसी बात कर भरोसा करके कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी करने से मना कर दिया था। उस वक्त कोर्ट ने याचिकाकर्ता कामनकाज से कहा था कि अगर सरकार नियुक्ति की दिशा में कोई कदम उठाए तो वह कोर्ट के समक्ष अंतरिम रोक आदेश मांगने के लिए फिर आ सकता है। संस्था ने नयी अर्जी दाखिल कर नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा था कि कोर्ट में महाधिवक्ता के भरोसा दिलाने के बावजूद लोकपाल नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

प्रधानमंत्री की ओर से लोकपाल चयन समिति के सदस्यों को बैठक के लिए 24 से 28 अप्रैल तक मौजूद रहने को कहा है। ऐसे में सरकार की मंशा पर सवाल उठता है। अत: जब तक लोकपाल की नियुक्ति की नियम प्रक्रिया को चुनौती देने वाली उनकी याचिका लंबित है तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए।

कामनकाज संस्था ने अपनी मुख्य याचिका में लोकपाल कानून के तहत बनाए गए नियमों को चुनौती देते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि नियम मुख्य कानून के उद्देश्य को ही निष्फल कर रहे हैं।

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