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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया,नोटबंदी से 5400 करोड़ का पता चला

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Sun, 09 Apr 2017 10:10 PM (IST)Updated: Mon, 10 Apr 2017 05:25 AM (IST)

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि नोटबंदी लागू होने के बाद लोगों ने अपने कालेधन को कई गैरकानूनी तरीकों से ठिकाने लगाने की कोशिश की।

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया,नोटबंदी से 5400 करोड़ का पता चला
केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया,नोटबंदी से 5400 करोड़ का पता चला

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को हलफनामे में बताया है कि जांच एजेंसियों ने दस जनवरी तक 5400 करोड़ के काले धन का पता लगाया है। नवंबर में नोटबंदी लागू होने के बाद लाखों लोगों की इस अघोषित आय का पता चला है।

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि नोटबंदी लागू होने के बाद लोगों ने अपने कालेधन को कई गैरकानूनी तरीकों से ठिकाने लगाने की कोशिश की। लोगों ने अपने पुराने नोटों के बदले बड़ी तादाद में सोना भी खरीदा था। जांच एजेंसियों की ओर से छापेमारी और अवैध धन की बरामदगी का ब्योरा देते हुए बताया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच नोटबंदी के बाद आयकर विभाग के चलाए 'ऑपरेशन क्लीन' के जरिए इस अवधि में बैंकों में जमा कराई गई नकद राशि के आंकड़ों का डाटा एनालिसिस व ई-वैरीफिकेशन कराया गया।

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वित्त मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा है कि 9 नवंबर 2016 से 10 जनवरी 2017 के बीच आयकर विभाग ने विभिन्न लोगों के परिसरों पर 1100 छापे मारे या सर्वे किए। इस दौरान बैंक खातों में जमा कराए गए मोटी नकद राशि के संबंध में 5100 नोटिस जारी किए गए। जांच एजेंसियों को कुल 610 करोड़ रुपये का नकद मिला। इसमें से 513 करोड़ रुपये पुरानी करेंसी और 110 करोड़ रुपये नई करेंसी के थे।

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