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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अगस्ता वेस्टलैंड : एसपी त्यागी को 4 दिन की सीबीआइ हिरासत में भेजा गया

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Fri, 09 Dec 2016 05:24 PM (IST)Updated: Sat, 10 Dec 2016 05:16 PM (IST)

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में गिरफ्तार हुए पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी को 4 दिनों की सीबीआइ हिरासत में भेज दिया गया है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में शुक्रवार को सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार किये गए भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी, उनके भाई संजीव उर्फ जूली त्यागी और एक वकील गौतम खेतान की शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित सीबीआइ कोर्ट में पेशी हुई। यहां सीबीआइ ने अदालत से 10 दिन की रिमांड की मांग की थी जिसके बाद उनको 4 दिन की सीबीआइ हिरासत में भेज दिया गया है।

इस मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने कोर्ट को बताया कि जिस समय अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला हुआ था उसी समय एसपी त्यागी के परिवार ने जमीनी सौदे किए थे और इसी मामले में उनके पूछताछ करनी है।

तो वहीं एसपी त्यागी ने कोर्ट से कहा है कि वो भ्रष्टाचारी नहीं है और वो अपने बैंक खातों की डिटेल अदालत को देने के लिए तैयार हैं।

गुड़गांव-दिल्ली से हुई गिरफ्तारी

एसपी त्यागी की गिरफ्तारी जहां गुड़गांव स्थित उनके घर से हुई, वही बाकी दो को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एसपी त्यागी के साथ ही उनके भाई संजीव त्यागी उर्फ जूली त्यागी और वकील गौतम खेतान को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर लगभग 3600 करोड़ रुपये में वीवीआइपी के लिए 12 हेलीकाप्टरों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए 423 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।

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'ठोस सबूत के बाद गिरफ्तारी'

सीबीआइ के अनुसार आरोपियों के खिलाफ रिश्वत की लेन-देन के ठोस सबूत मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई है। किसी वायुसेनाध्यक्ष को पहली बार रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पिछले हफ्ते ही सीबीआइ के कार्यवाहक निदेशक का पद संभालने वाले राकेश अस्थाना का यह पहला बड़ा फैसला है। एसपी त्यागी के वायुसेनाध्यक्ष रहने के दौरान अगस्तावेस्टलैंड कंपनी से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआइपी के लिए हेलीकाप्टर खरीद के सौदे को अंतिम रूप दिया गया था। वैसे हेलीकाप्टर खरीद के सौदे पर अंतिम हस्ताक्षर 2010 में एसपी त्यागी के सेवानिवृत होने के तीन साल बाद हुआ था।

दलाली की कहानी

आरोप है कि एसपी त्यागी के भाइयों ने गौतम खेतान के साथ मिलकर भारत में अगस्तावेस्टवैंड हेलीकाप्टर की खरीद को हरी झंडी देने के लिए जबरदस्त लॉबिंग की थी। इसमें एसपी त्यागी ने भी उनकी मदद की थी। बाद में रिश्वत की रकम को भारत में लाने और उन्हें संबंधित लोगों के बीच वितरित करने में भी त्यागी भाइयों और गौतम खेतान की अहम भूमिका थी। इन सभी से प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआइ कई बार पूछताछ कर चुकी है। सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हेलीकाप्टर खरीद में रिश्वत की लेन-देन के अहम सबूत मिलने का दावा किाय है। उनके अनुसार पांच देशों से आए लेटररोगेटरी के जवाबों के आधार पर सीबीआइ ने अभी तक 50 मिलियन यूरो की दलाली की रकम की लेन-देन के सबूत मिले हैं।

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जुलाई में सीबीआइ की एक टीम इटली भी गई थी, जहां उसे केस से जुड़े विधि और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की थी। दलाली की लेन-देन का पता लगाने के लिए कुल आठ देशों को लेटर रोगेटरी (एलआर) भेजा गया था। इनमें पांच देशों से एलआर का जबाव आ गया है। मारिशस, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात से एलआर का कोई जबाव नहीं आया है। इनसे इसे जल्दी मंगाने की कोशिश की जा रही है। ध्यान देने की बात है कि इस साल मई महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने तीन कंपनियों के 86 करोड़ रुपये के शेयर जब्त किये थे।

ईडी ने दावा किया था कि ये शेयर दलाली की रकम से जुड़े हैं। लेकिन इन कंपनियों और उनके निदेशकों का खुलासा नहीं हुआ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गुइडो हस्केमार्फत आए रिश्वत की रकम का काफी हद तक पता लगा लिया गया है। लेकिन क्रिश्चियन माइकल के मार्फत दी गई दलाली का पता लगाना अभी बाकी है। एजेंसियां क्रिश्चियन माइकल को भारत लाकर पूछताछ करने का पूरा प्रयास कर रही है।

क्या है मामला..


यूपीए-1 सरकार के वक्त अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद की डील हुई थी। डील के तहत मिले 3 हेलिकॉप्टर आज भी दिल्ली के पालम एयरबेस पर खड़े हैं। डील 3,600 करोड़ रुपए की थी। टाेटल डील का 10% हिस्सा रिश्वत में देने की बात सामने आई थी। इसके बाद यूपीए सरकार ने फरवरी 2013 में डील रद्द कर दी थी।
तब एयरफोर्स चीफ रहे एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। जिस मीटिंग में हेलिकॉप्टर की कीमत तय की गई थी, उसमें यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे। इस वजह से कांग्रेस पर भी सवाल उठे थे।
अब क्यों चर्चा में आया?
इटली के मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने फैसले में माना था कि हेलिकॉप्टर डील में करप्शन हुआ और इसमें इंडियन एयरफोर्स के पूर्व चीफ एसपी त्यागी भी शामिल थे। 90 से 225 करोड़ रुपए की रिश्वत भारतीय अफसरों को दी गई। कोर्ट ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर देने वाली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के चीफ जी. ओरसी को दोषी ठहराया। उन्हें साढ़े चार साल जेल की सजा सुनाई गई।

कोर्ट के जजमेंट में चार बार 'सिग्नोरा' (सोनिया) गांधी और दो बार मनमोहन सिंह का जिक्र है। इसलिए बीजेपी ने कांग्रेस के रोल पर सवाल उठाए थे। इस मामले में एक बिचौलिए ने भी कई खुलासे किए थे।